बिहारी पहचान 15 : बोलती बंद करा देने वाली बिहारी न्यूज एंकर अंजना ओम कश्यप

बड़ा से बड़ा राजनीतिक सूरमा. कितनी भी वाचाल हो, तपाक हो. अंजना ओम कश्यप के सामने टिकना मुश्किल हीं नहीं नामुमकिन है. आप अंजना के विचारों से सहमति न रखते हों, उनकी पत्रकारिता में किसी दल विशेष का समर्थन दिखता हो, पर उनकी क्षमता और योग्यता पर सवाल नहीं उठा सकतें. अंजना ओम कश्यप देश की उन लाखों लड़कियों के लिए आदर्श हैं जो अपना कॅरियर पत्रकारिता में बनाना चाहती हैं.

12 जून 1975 को जन्मी बिहारी मूल की अंजना के पिता डाॅ ओम प्रकाश तिवारी आरा के रहने वाले थें तो माता जी बिहारशरीफ की. चूंकि पिताजी डाॅक्टर थें तो और रांची में पोस्टेड थें तो अंजना की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा अविभाजित बिहार के रांची शहर से हुई. उन्होंने रांची के प्रतिष्ठित लाॅरेंटो काॅंवेंट से स्कूलिंग पूरी की तो काॅलेज दौलत राम काॅलेज से. अंजना ने ग्रेजुएशन दौलत राम काॅलेज से पूरी की. सब्जेक्ट जूलाॅजी था. पिता की तरह हीं डाॅक्टर बनना चाहती थीं पर असफल रहीं. सामाजिक बुराईयों को देख उद्वेलित होने वाली अंजना का झुकाव धीरे धीरे पत्रकारिता की ओर होने लगा. 2002 में  अंजना ने जामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की और 2003 से उन्होंने पत्रकारिता प्रारंभ कर दिया. काॅलेज के दिनों में हीं उनकी दोस्ती मंगेश से हुई. वही मंगेश उनके जीवनसाथी बनें. मंगेश सीनियर आइपीएस अधिकारी हैं और दिल्ली पुलिस में पोस्टेड हैं. वैसे आपने अंजना को कई बार दिल्ली पुलिस की क्लास लगाते हुए भी सुना होगा.
अंजना का सफर दूरदर्शन के कार्यक्रम आंखों देखी से शुरु हुआ. उसके बाद वो जी न्यूज, न्यूज 24 और स्टार न्यूज के साथ भी जुड़ी पर उनके लिए आज तक लकी साबित हुआ. आज तक ने अंजना को जर्नलिस्ट से स्टार जर्नलिस्ट बनाया. आज हर हिंदी भाषी परिवार में अंजना को लोग नाम से जानते हैं. वैसे तो अंजना आज तक में सीनियर एडिटर और न्यूज एंकर हैं पर लोग उनका डिबेट काफी चाव से सुनते हैं. अंजना जब बड़ी बड़ी पाॅलिटिकल पार्टियों के प्रवक्ताओं की हवा निकालती हैं और अपने अंदाज में झाड़ पिलाती हैं तो सिस्टम से त्रस्त आम भारतीय दर्शकों का दिल बाग बाग हो जाता है.

हल्ला बोल, राजतिलक, बड़ी बहस, दिल्ली के दिल में क्या है जैसे कार्यक्रमों ने अंजना ओम कश्यप को भारतीय पत्रकारिता की  दुनिया में अलग स्थान दिलाता है, हालांकि कई बार अंजना विवादों से भी घिरी जब उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व पत्रकार आशीष खेतान की औकात पर सवाल उठा दिया था तब उनकी काफी खिंचाई भी हुई थी. एक बार अंजना ने अपना नाम अंजना ओम कश्यप की जगह अंजना ओम मोदी पढ़ दिया था तब उस वक्त भी वह सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गई थीं, हालांकि यह एक मामूली गलती थी पर कहते हैं न कि संसार का चरित्र आलोचक है बस तलाश मौके की रहती है.

एक सार्वजनिक कार्यक्रम में जब अंजना से एक छोटी बच्ची ने सवाल पूछ दिया की आप महिला हैं और वो भी बिहारी महिला. क्या कभी आपको डर नहीं लगता तो अंजना ने दो टूक जवाब दिया कि जब आपके आसपास सब कुछ कमजोर हो तो आप सबसे शक्तिशाली होतें हैं. मेरी पढ़ाई लिखाई चाहे कहीं भी हुई हो, पर दिल के एक कोने से लगता है मैं बिहारी हूं और हमेशा बिहारी रहूंगी. बताया जाता है कि अंजना ओम कश्यप की आय 1 करोड़ रुपये सालाना है.

बिहार को अपने इस अनमोल रत्न पर नाज है.

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सरदार सिमरनजीत सिंह
About सरदार सिमरनजीत सिंह 1095 Articles
जानते तो जरूर होगे मुझे नहीं जानतेे तो कोई बात नहीं अब जान लो........ नाम तो जरूर सुना होगा नहीं सुना तो कोई बात नहीं अब सुन लो..... बिहारी हूं, अपनी धुन में रहता हूं धुन का पक्का नहीं पर मन का सच्चा हूं. पत्रकारिता और लेखन शौक है. बिहार के सासाराम का रहने वाला हूं,

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