वायरल खुलासा 12 : क्या सचमुच सदाकत आश्रम में मोदी जिंदाबाद के नारे लगे थें !

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सोशल मीडिया एक ऐसा मंच है जहां से कही, सुनी, देखी गई बातों में सच और झूठ ढूंढना मुश्किल हीं नहीं बल्कि कभी कभी नामुमकीन भी हो जाता है. कल बिहार के सियासी गलियारे से निकली एक खबर ने सोशल मीडिया के साथ साथ प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अपनी जगह बनाई जिसमें कहा गया कि बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मोदी जिंदाबाद के नारे लगे थें.

क्या ये खबर सही है ! क्या सचमुच कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मोदी जिंदाबाद का नारा लगाया था ! क्या इसका कोई वीडियो या ऑडियो उपलब्ध है !

बिहारी न्यूज ने इस खबर की पड़ताल करनी चाही तो जो सच सामने आया वो मीडिया की प्रमाणिकता और चरित्र पर संदेह पैदा करने वाला था.

कांग्रेस पार्टी में प्रारंभ से डेलीगेट चुनने की परंपरा रही है. ये डेलीगेट्स राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में भाग लेते हैं. प्रदेश कांग्रेस के नए कार्यवाहक अध्यक्ष बनने के बाद कौकब कादरी ने प्रदेश प्रतिनिधि सम्मेलन बुलाया था. इस सम्मेलन में सिवाय डेलीगेट्स किसी के अंदर जाने की इजाजन नहीं थी यहां तक की मीडिया को भी.

पूर्व अध्यक्ष डॉ अशोक चौधरी जब अपने समर्थकों के साथ सदाकत आश्रम पहुंचें तो वहां उपस्थित कांग्रेस सेवा दल के सदस्यों ने उनसे आग्रह किया कि आप सिर्फ उन्हीं को अंदर लेकर जाए जो डेलीगेट हैं. चौधरी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अभी तक डेलीगेट्स की सूचि जारी कहां हुई है ! इस प्रकरण के बाद थोड़ी देर के लिए आश्रम के मुख्य द्वार पर कहासुनी और नारेबाजी भी हुई. नारेबाजी में सोनिया राहुल जिंदाबाद और डॉ अशोक चौधरी जिंदाबाद होता रहा. वहां कई चैनल्स के लोग मौजूद थें. यहां किसी ने मोदी जिंदाबाद नहीं किया.

दूसरा दृश्य : सदाकत आश्रम के अंदर डॉ अशोक चौधरी, विधायक आनंद शंकर, अमिता भूषण, विनय वर्मा, संजय तिवारी और एमएलसी दिलीप  चौधरी, मनोज उपाध्याय, उदय शर्मा, रंजीत कुमार झा, जितेंद्र मिश्रा, निशांत झा आदि लोग कार्यालय के बाहर पहुंचें तो गहमागहमी शुरु हो गई. दोनों पक्षों की ओर से जिंदाबाद के नारे लगने लगें. एक पक्ष कौकब कादरी जिंदाबाद कर रहा था तो दूसरा पक्ष अशोक चौधरी जिंदाबाद के नारे लगा रहा था. फिर दोनों ओर से एक दूसरे के मुर्दाबाद के नारे भी शुरु हुए. इस वक्त भी किसी ने मोदी जिंदाबाद नहीं कहा, हां दोनों पक्षों ने सोनिया राहुल जिंदाबाद के नारे लगाए.

इसके बाद डॉ अशोक चौधरी अपने समर्थकों समेत बारामदे में बैठ गए.
तीसरा और अंतिम दृश्य : सांसद प्रदीप भट्टाचार्या सभागार में पहुंचते हैं. उनके साथ कौकब कादरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ शकील अहमद, डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह, सदानंद सिंह, प्रेमचंद्र मिश्रा सहित कई विधायक मौजूद थें. मंच से दीप प्रज्जवलन का कार्यक्रम शुरु हीं होता है एक बार फिर से चौधरी अपने समर्थकों के साथ आकर जमीन पर आकर बैठ जाते हैं. डॉ अखिलेश सिंह, चौधरी से मंच पर बैठने का आग्रह करते हैं जिसपर चौधरी कहते हैं नहीं यहीं पर ठीक है. इसके बाद डेलीगेट्स की प्रस्तावित सूचि पर मुहर लगाने का प्रस्ताव आता है जिसपर जमीन पर बैठे चौधरी समर्थक आपत्ति जाहिर करते हैं. इसके बाद एक बार फिर एक दूसरे के विरोध में नारेबाजी का दृश्य सामने आता है, पर इस बार नारेबाजी टकराव में तब्दील हो जाता है. दोनों पक्ष एक दूसरे के साथ धक्कामुक्की शुरु कर देते हैं और करीब 15 मिनट तक ऐसे हीं हंगामा होता रह जाता है. इस वक्त भी कहीं से मोदी जिंदाबाद के स्वर सुनाई नहीं देते हैं.

पूरी पड़ताल के बाद जो बात सामने आई तो पता चला कि अंदर न तो मीडिया को जाने की इजाजत थीं और नहीं कोई भी इस तरह का वीडियो वायरल हुआ जिसमें कांग्रेसी कार्यकर्ता सदाकत आश्रम के अंदर मोदी जिंदाबाद के नारे लगा रहे थें. ये खबर पूरी तरह भ्रामक है.
दरअसल कांग्रेस के हीं एक गुट ने किसी शरारतपूर्ण उद्देश्य से खबर चलवा दी कि बिहार कांग्रेस मुख्यालय में मोदी जिंदाबाद के नारे लग रहे थें और देखते हीं देखते यह सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों और अखबारों की भी सूर्खियों में आ गया.

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