जब सोचे Live in relationship को शादी में बदलने की

Live in में रहने और शादी के बाद की जिंदगी में बहुत अंतर होता है। देखने में हो सकता है ऐसा ना लगे कि कुछ भी difference है सिवाय legal और social commitment के,लेकिन ऐसा है नहीं,क्युकी शादी के साथ सब कुछ बदल जाता है,इसलिए शादी का फैसला बहुत ही सोच समझकर करना चाहिए।

  • शादी के बाद individuality खत्म हो जाती है(अब तक जो relationship में थी) अब आपके partner का आपकी life पर legally हक होता है,इसलिए अब जीवन में हर कदम पर उसकी राय लेना और उसे बताना जरूरी हो जाता है।
  • Live in relationship में हो सकता है कि flat का रेंट और घर के जरूरत के सामानों को बराबर share किया हो और उसके लिए equally pay भी किया हो लेकिन शादी के बाद ये जिम्मेदारी किसी एक की हो जाती है।
  • Late night parties और दोस्तों के साथ जब मन चाहा तब outing बन्द हो जाती है,अब अपने partner को हर समय अपने साथ रखना जिम्मेदारी बन जाती है।
  • अब तक independently अपनी family का ध्यान रखने की आदत को एक तरफ करके अपने साथ अपने partner की family की जरूरतों का भी ध्यान रखना पड़ता है।
  • अपने share investments, budget plan, future plans और सभी economic planning अपने partner को बताने जरूरी हो जाते है।
  • अब तक का optional commitment अब full time commitment में convert हो जाता है,जिसके बारे में हर समय serious रहना पड़ता है।
  • अभी तक किया गया अच्छी बुरी आदतों के साथ adjustment के लिए शादी के बाद से कोई भी तरह का appreciation मिलना बन्द हो जाता है।

हालाँकि शादी एक बहुत खूबसूरत रिश्ता है,लेकिन live in में रहने वालों के लिए ये परेशानी का कारण बन सकता है इसलिए सब तरह से सोचकर और अपने मन की सुनकर ही relationship को शादी तक पहुँचाना चाहिए।

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