हम अंबेडकरवादी हैं, संघर्षों के आदी हैं…..

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कुछ इसी अंदाज में मनाई गई संविधान रचयिता बाबा साहेब डाॅ भीमराव अंबेडकर जी की 127वां जयंती. स्थान था रोहतास जिले का नोखा. कार्यक्रम के आयोजक थें अखिल भारतीय अंबेदकर कल्याण संघ.

मुख्य अतिथि के तौर पर कवि, लेखक, समीक्षक एवं सामाजिक आंदोलनकर्ता प्रो उमेश कुमार रवि उपस्थित थें. अध्यक्षता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद कुमार चक्रवर्ती ने की.

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने बाबा साहेब के तैलचित्र पर माल्यापर्ण कर किया. उपस्थित तमाम लोगों ने बाबासाहेेब को पुष्पांजली अर्पित की. इस मौके पर केक काटकर बाबा साहेब का बर्थडे सेलिब्रेट किया गया.

प्रो उमेश कुमार रवि ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के लिए सर्वाधिक आवश्यक तत्व है शिक्षा. शिक्षा एक कंप्लीट पैकेज है जो धन के साथ साथ सामाजिक सम्मान जैसी चीजें स्वयं आपके जीवन में आती जाती है. शैक्षणिक असमानता भी हमारे लिए एक बड़ा मुद्दा है जिसे दूर करने के लिए हमें स्टेक होल्डर की तरह काम करना होगा.

शिक्षा का अधिकार कानून 2009 फेल होने के पीछे शैक्षणिक असामनता का बड़ा रोल है. वहीं संजय यादव ने कहा कि आज देश के संविधान रचयिता को गाली दी जा रही है, दलितों के साथ भेदभाव और जुल्म बढ़ा है, इन सभी के पीछे मोदी सरकार की नीति और नीयत जिम्मेवार है.

संघ के मीडिया प्रभारी अमित कुमार ने कहा कि समाज में गैरबराबरी की खाईं को बढ़ाया जा रहा है. आरक्षण को शातिर तरीके से खत्म करने की साजिश की जा रही है. सरकारी उपक्रमों का तेजी से निजीकरण किया जा रहा है. जहां निजीकरण हो गया तो वहां आरक्षण स्वतः समाप्त हो जाएगा, इस साजिश को नाकाम करना है.

कार्यक्रम को सफल बनाने में सोनू सम्राट, रविरंजन पासवान, रंजीत कुमार, रवि कुमार, केशो राम, लालमुनी राम आदि सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई.

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