25 जुलाई की महत्वपूर्ण घटनाएँ , आज की तारीख भारतीय लोकतंत्र के लिए बहुत खास है

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आज 25 जुलाई तारीख की ऐतिहासिक घटनाओं पर एक नज़र-

1- 25 जुलाई को भारत को मिली थी अपनी पहली महिला राष्ट्रपति

25 जुलाई भारतीय लोकतंत्र का एक खास हिस्सा है. इसी तारीख पर भारत को अपनी पहली महिला राष्ट्रपति मिली थी. प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने 25 जुलाई 2007 को भारत के 12 वे राष्ट्रपति के रूप शपथ ली. उन्होंने 25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012 तक राष्ट्रपति की कुर्सी संभाली. राष्ट्रपति बनने से पहले कांग्रेस की सरकार ने प्रतिभा देवी सिंह पाटिल को 2004 में राजस्थान का राज्यपाल बनाया था. वह 2007 तक राज्यपाल रहीं. राष्ट्रपति बनने से पहले प्रतिभा देवी सिंह पाटिल राष्ट्रिय राजनीती की चर्चा में नहीं रही लेकिन उनका राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है. महाराष्ट्र में जन्मी प्रतिभा देवी सिंह पाटिल मात्र 27 साल की उम्र में कांग्रेस के टिकट पर 1962 में जलगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनीं और महाराष्ट्र विधानसभा में चुन कर आईं. उसके बाद वह चार बार विधायक बनीं और इस दौरान वह कई विभागों में मंत्री रहीं. पाटिल 1985 से 1990 तक राज्यसभा सदस्य रही हैं. उसके बाद 1991 में 10वीं लोकसभा चुनाव में अमरावती से सांसद भी बनीं. 01 जून 2019 को प्रतिभा पाटिल को विदेशियों को दिए जाने वाले मेक्सिको के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार “ऑर्डर ऑफ एज्टेक ईगल” से सम्मानित किया गया. प्रतिभा पाटिल यह पुरुस्कार पाने वाली भारत की दूसरी राष्टपति बनीं. इससे पहले यह सम्मान राष्ट्रपति एस राधाकृष्णन को दिया गया था.

2- आज ही के दिन पहले टेस्ट ट्यूब शिशु का जन्म हुआ था-

25 जुलाई की तारीख विज्ञानं के लिए एक उपलब्धि मानी जाती है. दरअसल आज ही के दिन पहले टेस्ट ट्यूब शिशु का जन्म हुआ था. इंग्लैंड के ओल्डहैम शहर में 1978 में दुनिया की पहली आईवीएफ शिशु लुई ब्राउन का जन्म हुआ. करीब ढाई किलोग्राम वजन की लुई ब्राउन आधी रात के बाद सरकारी अस्पताल में पैदा हुई। यह प्रणाली दुनियाभर के नि:संतान दंपतियों के लिए एक वरदान साबित हुई और लुई के जन्म की खबर फैलते ही अकेले ब्रिटेन के ही करीब 5000 दंपती ने इस नई प्रणाली के जरिए संतान प्राप्त करने की इच्छा जाहिर की.आज यह पद्धति भारत सहित दुनियाभर में प्रचलित है और हर दिन हजारों महिलाएं इसके जरिए गर्भ धारण कर रही हैं.

3- इजराइल और जॉर्डन के बिच 46 वर्षो से चल रहा युद्ध 25 जुलाई को ही हुआ था समाप्त-

1945 में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद उस समय का ब्रिटिश संरक्षित क्षेत्र फिलिस्तीन को विभाजित करके इज़राइल का निर्माण किया गया. विश्व युद्ध के दौरान यूरोप से विस्थापित हुए यहूदियों को यहाँ बसाया गया तथा वर्ष 1947 में इज़राइल एक स्वतंत्र देश बना. जॉर्डन और इज़राइल दोनों देश एक लंबी भौगोलिक सीमा साझा करते हैं तथा वर्ष 1947 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्तावित बँटवारे को जॉर्डन ने स्वीकार कर लिया था. इज़राइल के गठन के बाद ही वर्ष 1948 में अरब देशों ने संयुक्त रूप से इज़राइल पर आक्रमण कर दिया तथा जॉर्डन भी इस आक्रमण का हिस्सा था. युद्ध के बाद जॉर्डन ने पूर्वी जेरुसलम तथा वेस्ट बैंक पर कब्ज़ा कर लिया. वर्ष 1967 में हुए तीसरे अरब-इज़राइल छः दिवसीय युद्ध में इज़राइल की जीत हुई तथा गाजा पट्टी (Gaza Strip), वेस्ट बैंक तथा पूर्वी जेरुसलम पर इज़राइल का पुनः अधिकार हो गया. बाद में फिलिस्तीन के हक में जॉर्डन ने इज़राइल से बातचीत के माध्यम से समझौता करने का प्रयास किया परंतु इसका कोई हल नहीं निकल सका. अंततः 25 जुलाई, 1994 को संयुक्त राज्य अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी. सी. में हुए समझौते के बाद जॉर्डन-इज़राइल के बीच 1948 से चली आ रही लड़ाई का अंत 46 वर्षों बाद हुआ और शांति स्थापित हो सकी थी.

4- 25 जुलाई को पहली बार भारत में नौका प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था-

भारत में पहली नौका दौड़ प्रतियोगिता 25 जुलाई 1813 में आयोजित की गई थी. यह नौका दौड़ प्रतियोगिता कोलकाता में आयोजित की गई थी.

5- आज हुआ था भारतीय राजनीती के प्रसिद्ध राजनेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी जी का जन्म –

25 जुलाई 1929 को दिवगंत सोमनाथ चटर्जी का जन्म बंगाली ब्राह्मण परिवार में असम के तेज़पुर में हुआ था. सोमनाथ चटर्जी को देश की वामपंथी राजनीति के पुरोधा एवं शिखर स्तंभ भी कहा जाता है. भारत के संसदीय इतिहास में उन्हें 10 बार सांसद बनने का गौरव हासिल है. वह 2004 से 2009 तक 14 वीं लोकसभा के अध्यक्ष थे. बतौर लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने सरकारी पैसों से सांसदों के चाय पानी पर रोक लगा दी थी. सोमनाथ चटर्जी ने ही दबाव डाला था कि अगर कोई सांसद विदेशी दौरे पर जाता है, और उसके साथ उसके परिवार वाले भी जाते हैं, तो परिवार वालों का खर्चा सांसदों को ही वहन करना होगा. हालाँकि लगभग 2 वर्ष पहले पुर लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने 89 वर्ष की उम्र अक्टूबर 2018 में दुनिया को अलविदा कह दिया था.

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