गजब का कांड, बैंक में नौकरी नहीं लगी तो खुद का नकली बैंक खोल दिया

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कहते है की हमारे देश में क्रिएटिव लोगो की कमी नहीं है. कुछ ऐसे क्रिएटिव बन्दे होते है जो खुद का काम आसान करते है. लेकिन कुछ ऐसे भी क्रिएटिव बन्दे होते है जो खुद जो खुद का ही नुकसान करा लेते है. सोचिये की अगर आपका भरतीय सेना में नौकरी किसी कारण से ना लग पाए तो क्या खुद की एक अलग भारतीय सेना बना लीजियेगा ? और अगर रेलवे में नौकरी ना लगे तो क्या खुद का रेलवे खोल लीजियेगा? नहीं ना.

लेकिन तमिलनाडु के कुडलोर जिले के एक लड़के ने ऐसा ही किया है. उसने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में नौकरी के लिए अप्लाई किया था परन्तु नौकरी नहीं मिली. फिर क्या उसने खुद का ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एक फर्जी ब्रांच खोल लिया.

इंडिया टुडे की खबर के अनुसार तमिलनाडु के कुडलोर जिले में कमल बाबू नाम के एक 19 साल के लड़के के ऊपर यह आरोप लगा है की उसने SBI का एक फर्जी ब्रांच 3 महीने पहले खोला था. पुलिस ने बताया की उसके माँ-बाप दोनों ही पहले बैंक के कर्मचारी रह चुके है. उसके पिता की मौत 10 साल पहले हो गयी थी जबकि माँ कुछ साल पहले ही रिटायर हुई थी. आरोपी लड़के कमल बाबू ने पिता की जगह पर SBI में नौकरी के लिए आवेदन किया था.लेकिन उसे नौकरी नहीं मिली. इसी वजह से उसने खुद का बैंक खोलने का फैसला लिया. वो बचपन से माता-पिता के साथ बैंक जाता रहता था जिस कारण उसे बैंक की अच्छी जानकारी थी.

3 महीने पहले उसने कुडलोर जिले के पनरुति बाजार में SBI की शाखा खोली. इस काम में उसके साथ 52 वर्ष का मणिकम और 42 वर्ष कुमार शामिल था. एक दिन SBI के एक ग्राहक ने उस SBI की शाखा को देखा और इसके बारे में वहां पास में स्थित पुराने SBI शाखा के बैंक कर्मियों से पूछा.उस बैंक के ब्रांच मैनेजर ने अपने जोनल हेड से नई ब्रांच खुलने के बारे में पता किया. जोनल हेड ने जानकारी दी कि पनरुति में SBI की कोई नई ब्रांच नहीं खुल रही.

मैनेजर की शिकायत के बाद SBI के अधिकारी नई ब्रांच के दफ्तर में गए. वहां दफ्तर को देखकर शॉक्ड हो गए . क्योंकि वहां सब कुछ असली बैंक जैसा ही था. इसके बाद पुलिस में SBI अधिकारीयों ने शिकायत की जिस पर कार्यवायी करते हुए पुलिस ने तीनो को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि इस फर्जी ब्रांच से अभी तक पैसा का कोई लेनदेन नहीं हुआ था. ऐसे में किसी का भी पैसा नहीं डूबा है. पुलिस ने बताया है की आरोपियों ने लॉकडाउन के दौरान ब्रांच खोली. उनको लगा कि इस दौरान किसी को खबर नहीं लगेगी. पुलिस के पूछताछ में आरोपी कमल बाबू ने बताया कि उसका मकसद लोगों को चूना लगाना नहीं था. वह तो खुद का बैंक खोलना चाहता था. इसलिए उसने यह कदम उठाया.

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