बिहार में बाढ़ का कहरः 14 जिलों में 56 लाख लोग बाढ़ की चपेट में

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बिहार में मानसून सक्रिय होने के बाद लगातार हो रही बारिश और नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी के बाद से उत्तर बिहार में जल प्रलय आ गया. उत्तर बिहार की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इन सब के बीच में अच्छी खबर यह है कि इस बार जिस नदी ने सबसे ज्यादा प्रलय मचाया था गंड़क उसमें फिलहाल कोई ज्यादा हलचल नहीं दिखाई दी रही है. लेकिन इधर गंगा में 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है इधर गोपालगंजऔर मुज्फफरपुर में बांध टुटने से कई नये इलाकों में पानी घुस गया है.

बताया जा रहा है कि सोमवार को बाल्मीकीनगर बराज के पास 1 लाख 75 हजार घनसेक पानी छोड़ा गया है. जिसके बाद से गंडक नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है. लकिन यह डुमरियाघाट में अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. समस्तीपुर में रेलपुल के पास यह नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इधर कोसी नदी से भी पानी छोड़े जाने के बाद भी अभी भी इस नदी पर पानी का दवाब बना हुआ है.

वहीं अगर हम दूसरी नदियाों की बात करे तो बागमती सीतामढ़ी के कटौंझा में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. यह नदी मुजफ्फरपुर में 96 सेमी और दरभंगा मे 2 मीटर 25 सेमी ऊपर बह रही है. वहीं यह नदी झंझारपुर में यह लाल निशान से ऊपर बह रही है. वहीं लालबकेया पूर्व चंपारण में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है लेकिन अभी यहां खतरा उतना नहीं है.

आपदा प्रबंधन विभाग ने सोमवार को बताया है कि बिहार के 14 जिलों सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चंपारण, खगडिया, सारण, समस्तीपुर, सिवान एवं मधुबनी में 56,53,704 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. उन्होंने यह भी बताया है कि इनमें से 4,18,490 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है.

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