बिहार में बाढ़ का कहर जारीः 14 जिलों में 60 लाख लोग बाढ़ की चपेट में

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बिहार में मौनसून सक्रिय होने के बाद हुई बारिश और नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी के बाद से उत्तर बिहार पानी पानी हो गया. उत्तर बिहार की ज्यादातर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इस बार गंडक नदी ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है. इधर पिछले 24 घंटे की बात करे तो 16 नए पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया है. इसके बाद से 14 जिलों में 59 लाख 70 हजार लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. बिहार में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है.

बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्ररडु ने मी़डिया से बात करते हुए बताया कि NDRF और SDRF की 31 टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत बचाव और हात कार्य में लगाई गई है. उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में 1365 सामुदायिक किचेन चलाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि प्रतिदिन साढे नौ लाख से ज्यादा लोगों को भोजन कराया जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 17 राहत केंद्र चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस बाढ़ में अब तक 19 लोगों की जान गई है.

आपको बता दें कि इस साल बाढ़ में सबसे ज्यादा तबाही गंडक नदी ने मचाई है. इधर मुजफ्फरपुर के मुरैल में तिरहुत नगर का बांध टूट जाने के बाद से बूढी गंडक नदी के जलस्तर में कमी आई है. गंडक नदी का पानी अब दोमना बाझी और वैशाली के पातेपुर की ओर बढ़ रहा है. जहां के बाद यह अब गंगा नदी में मिल जाएगा. उधऱ दरभंगा में बाया नदी का पानी पारू साहेबगंज और सरैया प्रखंड में फैल रहा है. इधऱ बागमती, लखनदेई और मनुषमारा नदी अभी स्थिर हैं पानी का फैलाव अब रूक लगा है लेकिन अभी भी इन इलाकों में लोगों को घर आने में काफी समय लगेगा.

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