गंडक का कहरः नेपाल से छोड़े गए पानी से सारण तटबंध टूटा, 34 गांव जलमग्न

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नेपाल से छोड़े गए पानी से बिहार में बाढ़ तवाही मचा रहा है. नेपाल ने गंडक नदी में चार लाख 36 हजार घनसेक पानी छोड़ा तो सारण चंपारण तटबंट तीन जगह टूट गया. इसके साथ ही कई जगहों पर पानी तटबंधों के ऊपर से बहने लगा है. गोपालगंज जिले के मांझागढ़ में सारण तटबंध दो स्थानों पर ध्वस्त हो गया. इससे 34 गांव जलमग्न हो गए. उधर, रेल पुल से बाढ़ का पानी टकराने के कारण दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया है. समस्तीपुर से ट्रेनें अब सीतामढ़ी रूट होकर चलाई जा रही हैं. वहीं पूर्वी चंपारण के सुगौली में भी रेल ट्रैक पर बाढ़ का पानी चढ़ गया.

राज्य के 10 जिलों के 67 प्रखंडों की 435 पंचायतों के आठ लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं. सरकार की तरफ से राहत-बचाव कार्य निरंतर चलाए जा रहे हैं. कुछ ऐसी जगहें हैं, जहां पर फूड पैकेट पहुंचाने में दिक्कत आ रही है. ऐसी जगहों पर हेलीकॉप्टर से पैकेट पहुंचाए जाएंगे. राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय से हेलीकॉप्टर की मांग की है. शनिवार को हेलीकॉप्टर के पहुंचने की उम्मीद है.

आपको बता दें कि बाढ़ का निरिक्षण करने के लिए जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, विभाग के सचिव संजीव हंस और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने शुक्रवार को हवाई सर्वे का स्थिति की जानकारी ली. लौटने के बाद श्री झा ने बताया कि मौसम की खराबी के कारण हमलोग नीचे उतर नहीं पाये, लेकिन इतना जरूर दिखा कि गंडक ने इस बार नया रिकार्ड बनाया है.

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