बिहार की अनीशा को राष्ट्रपति से मिलेगा सम्मान, कर रही हैं ये नेक काम

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बिहार के छपरा के राजकीय विद्यालय, हुसै का जब छुट्टी हो जाता है तो इसके बाहर पेड़ के नीचे एक और स्कूल आरंभ हो जाता है. यहाँ न तो शुल्क लगता है और न ही नामांकन कराना होता है. पेड़ के नीचे चलने वाले इस स्कूल को स्वयं पढाई करने वाली अनीशा चलाती हैं. कुछ दिन पहले जब यहाँ अनीशा रहने आई थी तो उसने देखा कि बच्चे के वजह खेल-कूद और मौज-मस्ती में अपना समय गंवाते हैं. तब अनीशाने इन बच्चों को पढ़ाने का फैसला किया. अनीशा का मानना है कियदि बच्चों को पढाया जाए तो अपनी पढाई भी मजबूत होती है.

अनीशा खुद कॉलेज की विद्यार्थी हैं और उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़कर सभी सामाजिक काम किए हैं. वो “पढ़ेगा इंडिया, बढेगा इंडिया” मुहीम से जुड़कर गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रही हैं. इस स्कूल में 50 से ज्यादा बच्चे हर दिन पढाई करते हैं. अनीशा के इस कोशिश को सामाजिक स्तर पर काफी सराहना प्राप्त हो रहा है और बहुत सारे संगठनों ने अनीशा को सम्मानित किया है. तकरीबन 2 वर्ष से म्हणत कर रही अनीशा को तथा कामयाबी मिलती हुई नज़र आ रही है. यहाँ आने वाले बच्चे पढने में दूसरे बच्चों से अलग नज़र आते हैं तो साफ़-सफाई में भी इनमें जागरूकता दिखाई पड़ती है. झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले इन बच्चों के सपने बहुत ऊँचाई पर जाने के नज़र आ रहे हैं. इसमें बड़ी बात यह है कि अब रास्त्रपति भवन से भी अनीशा को सम्मान के लिए निमंत्रण मिला है जो अनीशा के साथ-साथ छपरा वासियों के लिए भी गर्व की बात है.

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