अश्लील भोजपुरी गीतों के विरोध में लड़कियां उतरी सड़क पर

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भोजपुरी गीतों में अश्लीलता को लेकर भोजपुरिया समाज की चिंता किसी से छिपी नहीं है. इसी भौंडेपन और अश्लीलता के कारण भोजपुरी भाषा को नीची निगाहों से देखा जाने लगा है जबकि भोजपुरी एक समृद्ध माटी की समृद्ध भाषा है.

इसी को लेकर जनाधिकार पार्टी की छात्र परिषद की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रिया राज के नेतृत्व में कई संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने मार्च किया और प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान अश्लील गाने बंद करो, भोजपुरी भाषा का अपमान नहीं सहेंगें जैसे नारें लगाए जा रहे थें. प्रदर्शन में  बड़ी संख्या में स्कूली छात्राएं और जागरुकता अभियान संस्था, गंगौर की सदस्या भी मौजूद थीं.

वहीं प्रिया राज ने कहा कि जिस समाज में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता है, उसी समाज में ऐसे गानें बन रहे हैं जिसे सुनकर महिलाओं का सिंर झुक जाता है, जिसकी वजह से उन्हें घर से बाहर निकलने में भी शर्म आती है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता बिट्टू कुमारी मिश्रा ने किया. मौके पर फुलहर पंचायत के पूर्व मुखिया अनीता देवी, सामाजिक कार्यकर्त्ता हरिश्चंद्र यादव, रिंकू कुमारी, कोमल कुमारी, अंजनी कुमारी, रानी कुमारी, पूजा कुमारी, मीरा कुमारी, प्रीति कुमारी समेत सैकड़ो लड़कियां मौजूद थी.

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