express way featued image

Aurangabad Darbhanga Expressway: नयी परियोजना से जुड़ने वाले हैं बिहार के 8 जिले, औरंगाबाद से दरभंगा का सफ़र होगा आसान

औरंगाबाद से दरभंगा जाना होगा आसान

express way inner image 1

Aurangabad Darbhanga Expressway: अब औरंगाबाद से दरभंगा जाना होगा बेहद आसान क्यों कि औरंगाबाददरभंगा एक्सप्रेसवे (express-way) का निर्माण होने वाला है. यह परियोजना जल्द ही अपना रफ़्तार पकड़ लेगी. बिहार में अभी तक जितने भी एक्सप्रेस वे बनाये गए है, वो सब अन्य राज्यों से गुज़रते है. यह ऐसी पहली परियोजना है जो कि बिहार के 8 जिलों को जोड़ेगी. यह एक्सप्रेस वे लम्बाई में 189 किमी है. बता दें कि औरंगाबाददरभंगा एक्सप्रेस वे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनाया जायेगा. इस परियोजना के अंतर्गत राज्य के 8 जिले जुड़ जायेंगे. यह एक्सप्रेस वे औरंगाबाद के आमस से शुरू होते हुए पटना, नालंदा, अरवल, जहानाबाद, वैशाली, और समस्तीपुर होते हुए दरभंगा तक जायेगा. आपको बता दें कि इस परियोजना से उत्तर तथा दक्षिण बिहार के लोगों को लाभ होगा और आवागमन में आसानी होगी. इससे तकरीबन 4 घंटे तक की दूरी कम हो जायेगी.

ज़मीन अधिग्रहण का कार्य हो रहा पूरा

पटना जिले के धनरुआ और फतुहा से होकर औरंगाबाददरभंगा एक्सप्रेस वे गुजरेगा. धनरुआ व फतुहा, दोनों अंचलों में जिला प्रशासन द्वारा ज़मीन अधिग्रहण (land acquisition) का कार्य क़रीब क़रीब पूरा किया जा चुका है. इस नए परियोजना के तहत पटना जिले में 12 मौजों में 205.25 एकड़ ज़मीन का अर्जन किया जा चुका है. ज़मीन अधिग्रहण के बदले में मुआवज़ा भुगतान के लिए 123.24 करोड़ रूपए का आवंटन निश्चित किया गया है. फिल्हाल, भू धारकों के दरमियान कुछ रुपयों का भुगतान किया जा चुका है. अभी तक उन्हें 66 करोड़ 56 लाख़ की राशि दी जा चुकी है.

जिलाधिकारी ने दिया निर्देश

express way inner image 2

औरंगाबाददरभंगा एक्सप्रेस वे परियोजना के अंतर्गत पटना जिले के अंचल धनरुआ में 8 मौजों तथा फतुहा में 4 मौजों में भूअर्जन (land acquisition) के लिए कार्रवाई जा चुकी है. अब तक धनरुआ अंचल में 65 फ़ीसदी तक मुआवज़े का भुगतान हो चुका है. मुआवज़े के भुगतान के लिए 140 आवेदनों की प्राप्ति हुई थी, जिसमें एकाध राजस्व कागज़ात की कमी बताई गयी थी. इस कारण से मुआवज़ा भुगतान में रुकावट आ रही है. जितने भी भूमि धारक है, उन सभी को ज़मीन से सम्बंधित कागज़ातों को जमा करने के लिए कहा गया है. इसके सन्दर्भ में ज़मीन के धारकों से ज़मीन के कागज़ात मांगी गयी है. जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने धनरुआ के अंचल अधिकारी को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द पुनः भूमि धारियों से राजस्व साक्ष्य की मांग की जाये. इससे अटके हुए मसलों का निवारण जल्दी किया जा सकेगा.

Also read: DGP of Bihar: डीजीपी आलोक राज ने पद संभालते ही थानेदारों की लगायी क्लास, पुलिस अधिकारियों को दिया नया काम, पहले निपटाए जायेंगे पेंडिंग केस

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *