दादी से किया वादा पूरा कर रच दिया अद्भुत इतिहास

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जहाँ बच्चों को शिक्षा के लिए स्कूल भेजने की आदत दिलाने में पैरेंट्स तरह-तरह के लालच देते हैं और उपाय निकलते हैं. लेकिन अवनीत कौर को ऐसे बच्चों के विपरीत है। वह बचपन से ही समझदार है और छोटी सी उम्र में भी कड़े अनुशासन का पालन कर इतिहास रच दिया है.

पंजाब में अमृतसर जिले की रहने वाली अवनीत कौर, 13 साल 8 माह से बिना कोई छुट्टी लिए रोज स्कूल जा रही है। इसके लिए उसका नाम इण्डिया बुक औफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है. अवनीत ने अपने दादी से वादा किया था कि वह कभी भी स्कुल नहीं छोड़ेगी। दादी की मौत के कल होकर भी वह स्कूल गई.

अवनीत कौर का जन्म 18 जुलाई 2001 को हुआ. वह नर्सरी से लेकर बारहवीं तक बिना छुट्टी लिए लगातार स्कुल जा रही है। इसके लिए उसने कई पार्टियाँ और फंक्शन छोड़े, रिश्तेदारों के ताने सुनें, मौज-मस्ती छोड़ी लेकिन स्कूल नहीं छोड़ा।

इस उपलब्धि के लिए उनका नाम रिकॉर्ड में दर्ज किया गया. अवनीत ने नॉन मेडिकल से बारहवीं की है और अब श्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में बीटेक में दाखिला लिया है। वह अब आगे भी अपना रिकॉर्ड बनाये जाने के लिए तत्पर है. एक बार उनकी माँ ने उनके स्कूल टीचर को अपनी बेटी को प्रतिदिन स्कुल आने के लिए पुरस्कार दिया जाने को कहा लेकिन उनकी शिक्षिका ने इससे मना कर दिया क्यूंकि वहाँ और भी बच्चे लगातार स्कूल आते थे. उसी वक्त उसने भी यह निर्णय लिया था कि सभी का रिकॉर्ड वह तोड़ेगी।

प्रोत्साहन एक ऐसी दवा है जिससे हमेशां ही सफलता मिलती है. प्रोत्साहित करके, प्रशंसा करके आप अच्छे कार्य में वृद्धि करते हैं। वहीँ ज्यादा दांत-फटकार से बच्चे पर बुरा असर पड़ता है और वे अधिक बुरे बनते हैं.

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