गार्ड ने लगाया अफसर को डांट, कहा यहाँ का मालिक मैं हूँ तुम्हारी वर्दी उतरवा दूंगा

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अफसरों द्वारा अपने जूनियर कर्मियों को डांट लगाने और उनके खिलाफ कार्यवायी करने की खबर तो आपने खूब सुनी होगी. लेकिन सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे एक बिट गार्ड अपने अफसरों की ही क्लास लगा रहा है.

यह मामला छत्तीसगढ़ के कोरबा का है. इस वीडियो कहानी बड़ी दिलचस्प है.दरअसल कोरबा के बांकीमोंगरा हल्दीबाड़ी वन में बीट गार्ड (वनरक्षक) शेखर सिंह रात्रे ने 17 जुलाई को देखा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में बांस की कटाई हो रही है. कटाई कर रहे मज़दूरों से पूछा किसके कहने पर ये सब हो रहा. जवाब मिला कि वनमंडल के सीनियर अफसरों ने करने के लिए बोला है. इस सीजन में बांस की कटाई प्रतिबंधित होती है. इसलिए रात्रे ने पहले तो कटाई रुकवाई. फिर जब्ती की कार्रवाई शुरू की. कटाई रुकने की जानकारी मिलते ही रेंजर मृत्युंजय शर्मा, डिप्टी रेंजर अजय कौशिक मौके पर पहुंच गए और सीनियर होने के नाते बीट गार्ड शेखर सिंह रात्रे को हुल देने की कोशिस करने लगे.

लेकिन सीनियर अफसर होने का धौंस दिखाना उन्ही पर भारी पर गया. बीट गार्ड शेखर उनसे डरने के बजाय उसने उन दोनों अफसरों की बोलती बंद करा दी. शेखर रात्रे बोले-

“साहब होंगे आप अपनी जगह पर. ये मेरा फील्ड है. यहां अपराध आपसे हुआ है तो आप अपराधी हैं.”

शेखर ने उनसे पूछा कि कटाई किसके आदेश से हो रही है. दोनों अफसर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. इसके बाद शेखर ने उनसे कटाई का आदेश मांगा तो उनके पास आदेश की कॉपी नहीं थी. इस पर बीट गार्ड शेखर ने कहा-

“ये रिज़र्व फॉरेस्ट है. यहां एक पत्ता भी नहीं काट सकते. मैं धारा 26 के तहत कार्रवाई कर रहा हूं. ये सीजन काटने का नहीं है. फरवरी-मार्च में होती है बांस कटाई. गलत काम करोगे मेरी फील्ड में आकर? रेंजर होंगे अपनी जगह पर, यहां फील्ड का मालिक मैं हूं.

इसके बाद रेंजर और डिप्टी रेंजर किसी को बुलाने की बात कहने लगे. किसी को फोन भी करने लगे. इस पर बीट गार्ड को और गुस्सा आ गया उसने साफ कहा –

“अपराधी हो, अपराधी की तरह रहो. आपकी चालान करूंगा तुरंत. वर्दी उतरवा दूंगा खड़े-खड़े. इधर फॉरेस्ट में क्या नियम है, वो पता है? थ्री स्टार लगाकर खड़े हो.”

मिल रही जानकारी के अनुसार बिट गार्ड शेखर ने धारा 26 के तहत रेंजर मृत्युंजय शर्मा, डिप्टी रेंजर अजय कौशिक, बीट गार्ड रामकुमार यादव और 11 मजदूर पर कार्यवायी की है. इस धारा में एक साल कैद या 15 हज़ार रुपए जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. डिविज़नल फॉरेस्ट ऑफिसर सना फारुखी ने एसडीएम फॉरेस्ट को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

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