जानिए कौन हैं प्रशासनिक क्षेत्र के अनुभवी अधिकारी जिनके निर्देशन में होगा 2020 का ऐतिहासिक बिहार विधानसभा चुनाव

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साल 2020 का बिहार विधानसभा चुनाव ऐतिहासिक हैं. इस साल जब पूरी दुनिया की स्थिति खराब रही। एक वायरस ने पूरे दुनिया में कहर मचा दिया और भारत जनसंख्या में आगे रहने वाला देश पर भी इसका खतरा मंडरा गया। भारतीय विदेशों के संपर्क में भी काफी तादाद में हैं ऐसे में भारत का प्रभावित होना भी लाजिमी रहा लेकिन केंद्र सरकार और बिहार सरकार की व्यवस्था ने कोरोना पर काबू किया। बड़ी संख्या वाला राज्य बिहार में संक्रमितों की संख्या बढ़ी तो काफी तेजी से। ऐसे हालत में बिहार में चुनाव कराया जाना खतरे से खाली नहीं मालूम पड़ रहा था लेकिन बिहार सरकार के युद्ध स्तर पर कार्य और केंद्र से विशेष टीम के सुझाव से काफी कंट्रोल किया गया.

बिहार में यह चुनाव ऐतिहासिक है और चुनाव आयोग ने बिहार में चुनाव कराये जाने का निर्णय लिया । अब बात उठती है जहां सोशल दूरी के निर्देश हैं वहां वोट कैसे पड़े. यह भारी समस्या और सवाल रहा लेकिन चुनाव आयोग ने इस बड़ी समस्या का हल खोज लिया। इस पूरे चुनाव को लेकर दिशा निर्देशित करने वाले चुनाव आयोग के उन अधिकारी के बारे में हम बात करेंगे जिनके निर्देशन पर साल 2019 का यह ऐतिहासिक चुनाव होने वाला है.

चुनाव की रुपरेखा और घोषणा करने वाले मुख आयुक्त सुनील अरोड़ा हैं और सुनील अरोड़ा अभी 62 वर्षीय हैं. हालाँकि उनकी उम्र रिटायरमेंट की हो गई है लेकिन देश को उनकी जरुरत है और प्रशासनिक क्षेत्र में उनका अनुभव काफी महत्वपूर्ण है जिसे देखते हुए पोस्ट रिटायरमेंट के बाद भी उन्हें जोड़ा रखा गया है।

पारिवारिक और छात्र जीवन

वे पंजाब के होशियारपुर में 13 अप्रैल 1956 को जन्मे थे। उनकी शिक्षा होशियारपुर में ही हुई। शुरूआती शिक्षा विद्या मंदिर और फिर दयानन्द मॉडल हाई स्कुल और इसके बाद डीएवी और फिर डीएवी कॉलेज से उन्होंने अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। पंजाब यूनिवर्सिटी से उन्होंने एम ए अंग्रेजी साहित्य में की और फिर वे यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी साहित्य भी पढ़ाने लगे थे। उनकी माँ शिक्षिका रही थी और पिता इंडियन रेलवे में थे। उनके दो भाई भी प्रशासनिक सेवा में कार्यरत हैं.

सेवा कार्य और उपलब्धियां

वे साल 1980 बैच के राजस्थान कैडर के सेवानिवृत अधिकारी हैं. 31 अगस्त 2017 में चुनाव आयुक्त के पद पर उनकी नियुक्ति हुई थी। उन्होंने कई पदों का कार्यभार सँभालते हुए योगदान दिया है. केंद्र सरकार में सूचना और प्रसारण सचिव, नागरिक विमानन मंत्रालय में संयुक्त सचिव और उद्योग और निवेश विभाग में रहे हैं. कौशल विकास और उद्द्यमिता मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया। वित्त और कपड़ा मंत्रालय, योजना आयोग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवा दी. साल 1993 से 1998 तक राजस्थान के सीएम के सचिव पद पर कार्य किया है। 2005 से 2008 तक वे सीएम के प्रधान भी रहे थे.

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