स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट बिहार टेस्टिंग में पिछड़ा, रिकवरी रेट भी गिरा

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से भारत के राज्यों में हो रहे covid19 टेस्टिंग आंकड़े पेश किये गए है. उसमे बताया गया है की भारत में 22 राज्य WHO के मनको के अनुरूप टेस्टिंग कर रहे है. जबकि अन्य राज्य टेस्टिंग के मामले में काफी पीछे है. इन 22 राज्यों में उत्तर प्रदेश बिहार एवं झारखण्ड का नाम नहीं है यानि ये covid19 टेस्टिंग में काफी पीछे है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में विशेष कार्यधिकारी राजेश भूषण ने कहा कि जिन राज्यों में टेस्ट कम हो रहे हैं, हम उनसे भी अनुरोध करते हैं कि वे अपनी टेस्टिंग बढ़ाएं.

आपको बता दे की WHO के मानकों के अनुसार, COVID19 की टेस्टिंग प्रति दस लाख आबादी पर रोज 140 टेस्ट होने चाहिए. लेकिन बिहार अभी इस मानक पर खड़ा नहीं उतरा है. बिहार में प्रति दस लाख आबादी पर प्रतिदिन कितने टेस्ट हो रहे है इसका ब्यौरा जारी नहीं किया गया है. जबकि उन 22 राज्यों का ब्योरा जारी किया गया है जहां टेस्टिंग WHO के मानकों के अनुरूप हो रही है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ब्यौरा जारी किया है उसके अनुसार सबसे ज्यादा टेस्ट गोवा और दिल्ली में हो रहे हैं. गोवा में प्रति दस लाख आबादी पर यह 1058 तथा दिल्ली में प्रति दस लाख आबादी पर 978 है. जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रति दस लाख आबादी पर 201 टेस्ट हो रहे हैं. वहीं उत्तराखंड में 242 और हरियाणा में 420 टेस्ट प्रति दस लाख आबादी प्रतिदिन हो रहे हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रिकवरी रेट का ब्यौरा भी जारी किया है. सबसे अच्छे रिकवरी रेट के मामले में लद्दाख ऊपर है. लद्दाख में रिकवरी रेट 87 प्रतिशत है. वही दूसरे नंबर पर दिल्ली है जहाँ रिकवरी रेट 80 फीसदी तथा तीसरे नंबर पर उत्तराखंड है जहाँ रिकवरी दर 79 फीसदी है. बिहार का रिकवरी रेट पहले की तुलना में निचे गिरा है. पहले जहाँ बिहार में रिकवरी रेट लगभग 74 फीसदी थी वही 14 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार वो गिर कर लगभग 69 फीसदी पर आ गई है.

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