अमेरिका में फंसे प्रवासी बिहारी CM नीतीश कुमार से लगा रहें है मदद की गुहार

0
558

भारत समेत विश्व के ज्यादातर देश कोरोना वायरस की चपेट में है. विश्व की बात करे तो अमेरिका में सबसे ज्यादा लोग कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं और यहां सबसे ज्यादा लोगों की जान भी गई है. वहीं अमेरिका में सबसे ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं. भारत में अभी तक करोनो वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या 1 लाख 45 हजार को पार कर चुकी है. देश में अभी लॉकडाउन 4.0 जारी है, ऐसे में भारत में कई चीजों में छूट दी गई है. जिसमें रेलवे और हवाई सेवा वहाल की जा चुकी है. जिससे की दूसरे प्रदेश में फंसे लोगों को अपने प्रदेश में पहुंचाया जा सके इसके साथ ही वंदे भारत मिशन के तहते विदेश में फंसे भारतीयों को देश में लाने की कवायत जारी है. अब तक विश्व के बहुत से देशों से प्रवासी भारतीयों को देश में लाया जा चुका हैं. ऐसे में बिहार के प्रवासी जो अमेरिका में पढ़ाई और रोजगार के लिए गए थे वे वहां फंस गए हैं. वे अब बिहार सरकार से गुजारिश कर रहे हैं कि उन्हें अपने देश आने में उनकी मदद करें.

अमेरिका के कई शहरों में बिहार के 100 से ज्यादा लोग हैं जो वंदे भारत मिशन में फ्लाइट में अपने नाम का इंतजार कर रहे हैं. अब इनके सब्र का बांध टुट गया है. वे अब बिहार सरकार देश के विदेश मंत्रालय, उड्डययन मंत्रालय से गुजारिश कर रहे हैं कि उन्हें अमेरिका से अपने देश में लाया जाए. अमेरिका में फंसे ज्यादातर लोगों की समस्या है उनका बीजा समाप्त हो चुका है. उनको अब वहां काम नहीं मिल रहा है. छात्रों की कक्षाएं बंद हैं. लोगों के पास पैसे की कमी हो रही है. ऐसे में वे अपने घर आना चाहते हैं. इसदौरान इन लोगों ने देश के संबंधित मंत्रालय से बात की लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला है. जब इन्होंने एम्वेसी में बात की तो वहां बताया गया कि बिहार के लिए कोई फ्लाइट नहीं हैं मतलब कि कोई कनेंक्टिंग फ्लाइट नहीं है इसीलिए बिहार के लोगों का नाम वंदे भारत लिस्ट में नहीं आ पा रहा है. इस बावत इन लोगों ने ट्विटर का सहारा लिया और संबंधित विभागों को टैग करते हुए ट्विट किया लेकिन वहां से भी कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला.

अमेरिका में फंसे कई लोगों ने अपनी आप बीती बिहारी न्यूज के साथ शेयर की है अमेरिका मे रह रहे मनीष ने बताया कि वे अमेरिका में जॉव कर रहे थे लेकिन पिछले दो महिने से उनका वीजा समाप्त हो गया है उन्होंने बताया कि वे बिना विजा के काम नहीं कर सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वंदे भारत मिशन के तहत भारत के कई राज्यों के लोगों को ले जाया जा रहा है लेकिन बिहार के लोगों को कॉल नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली से बिहार आने के लिए कोई कनेंटिंग फ्लाइट नहीं है इसीलिए उन्हें कॉल नहीं किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, नागर विमान मंत्री से गुहार लगाई है की उन्हें अमेरिका से अपने बिहार ला सके.

अमेरिका में पढ़ाई करने गई पटना की विद्या ने बताया कि उनका कोर्स मार्च से शुरू होने वाला था. क्लास कुछ दिन चला और उसके बाद क्लास बंद हो गया. उन्होंने कहा कि मैं पूरी तरह से अपने परिवार पर निर्भर हुं. मेरे पास उतने पैसे नहीं है कि मैं लंबे समय तक यहां रह सकती हूं. भारत में मेरे परिवार के पास भी अभी कोई वैसा काम नहीं है कि वे हमें लगातार पैसे भेजते रहे ऐसे में मैं सरकार से गुजारिश करता हूं कि वे हमें यहां से निकालें और अपने देश ले जाए. उन्होंने बताया कि जब हमने एम्वेसी में बात की तो उन्होंने बताया कि जब तक आपके स्टेट का कोई डायरेक्ट फ्लाइट नहीं आता है तब तक तक हम कुछ नहीं कर सकते हैं.

अमेरिका के कैलिर्फोनियां में रह रहे बिहार के एक परिवार ने बताया कि वे यहां जॉव करते हैं. उनकी मां और उनकी सास यहां घुमने के लिए आए थे उन्हें अप्रैल में भारत जाना था लेकिन कोरोना की वजह से वे नहीं जा सके. मेरी मां को कई तरह कि बीमारी है. उन्हें मेडिकल की बहुत जरूरत हैं.उन्होंने बताया कि वंदे भारत मिशन के तहत हमने रजिस्टर करवाया था लेकिन अभी तक किसी तरह का कोई कॉल नहीं आया है.

 

आपको बता दें कि बिहार सरकार एक मई से लगातार बिहार के बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों को अपने राज्य में बुला रहे है. रेलवे की मदद से प्रतिदिन प्रवासी मजदूरों को अपने प्रदेश में लाया जा रहा है. उन्हें यहां क्वारंटाइन किया जा रहा है साथ ही उनके हुनर के बारे में पुछा जा रहा है वे किस तरह के कार्य किया जा रहा है उसके बारे में पुछा जा रहाहै. लेकिन अपने ही प्रदेश के कई ऐसे परिवार हैं जो अमेरिका में फंसे हुए हैं. बिहार सरकार उन लोगों पर ध्यान नहीं दे रही है. अमेरिका में फंसे लोग बता रहे हैं कि बिहार के लिए कोई कनेक्टिंग फ्लाइट नहीं होने के कारण उन्हें कॉल नहीं किया जा रहा है. वे बार बार बिहार के मुख्यमंत्री से निवेदन कर रहे हैं कि वे हमें अमेरिका से ले जाएं उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा है साथ ही इन लोगों ने अपने अपने ट्विटर हैंडल से ट्विट भी किया है लेकिन इसके बाद भी सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है. वे अमेरिका में परेशान हैं और मदद की गुहार लगा रहे हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here