सीएम नीतीश कुमार ने कहा – बिहार की आ’र्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि ‘कल्याणकारी योजनाओं’ की राशि बढ़ाई जाए…

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बिहार विधान सभा में राजद विधायक अब्दुल बारी सिद्दीकी और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया गया।

प्रस्ताव में विपक्षी नेताओं ने कहा कि बिहार में कल्याणकारी योजनाओं के तहत दी जाने वाली राशि अन्य राज्यों की अपेक्षा काफी कम है। जिस पेंशन योजना के तहत बिहार में ₹400 प्रति माह दी जाती है। उसी पेंशन योजना में तमिलनाडु व तेलंगाना मे ₹1000, हरियाणा में ₹1800 और आंध्र प्रदेश में ₹2000 दिए जाते हैं। इसको बढ़ाने की जरूरत है।

लगातार कर रहे हैं विशेष राज्य के दर्जे की मांग :

अब्दुल बारी सिद्दीकी

इस पर जबाब देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि – बिहार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों को दी जाने वाली राशि बढ़ाया जाए। इसी कारण वह लगातार विशेष राज्य की दर्जे की मांग करते आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और हरियाणा आदि राज्यों की स्थिति बिहार से काफी बेहतर है। वहां कल्याणकारी योजनाओं में दी जाने वाली राशि की तुलना बिहार से करने से पहले आर्थिक स्थिति को भी देखना चाहिए।

सीएम ने कहा कि बिहार की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय आय की औसत से काफी कम है। यहां की प्रति व्यक्ति औसत आय 40 हजार से भी कम है। अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता है तो यहां लोगों को नए-नए अवसर मिलेंगे।

सरकार पर बढ़ेगा अट्ठारह सौ करोड़ रुपए का बोझ :

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि अब्दुल बारी सिद्दीकी खुद बिहार के वित्त मंत्री रह चुके हैं। वे बिहार की आर्थिक स्थिति के बारे में भली-भांति जानते हैं। उन्हें इस तरह के प्रश्न उठाने के पूर्व बिहार की आर्थिक स्थिति पर भी गौर करनी चाहिए।नीतीश ने कहा कि बिहार में हर वर्ग के बुजुर्गों के लिए पेंशन की योजना की शुरुआत की गई।

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