बिहार में भूखों की पेट की आग को शांत करने का काम करती है रोटी बैंक

0
448

‘भूख’ इस शब्द का मतलब तभी समझ आता है जब इंसान खुद इससे गुज़रता है. आज हमारे देश में बहुत से ऐसे लोग है जिनको ठीक से खाना खाने को नहीं मिलता है और कई रातों को उन्हें भूखे पेट ही सोना पड़ता है कई लोग तो गरीबी के कारण अपना पेट नहीं भर पाते है.  लेकिन अभी भी हमारे समाज में कुछ ऐसे लोग है जो इन गरीबों की समस्या को समझकर इनकी समस्या का हल निकलने का प्रयास करते है.

हम बात कर रहे है ‘रोटी बैंक’ की. टीम रोटी बैंक सड़कों, प्लेटफॉर्मों पर सोने वाले भूखे लाचार, बेबस, बेसहारा लोगों को रात्रि में ताजा भोजन तैयार करके उपलब्ध भी करवाती है और शहरी क्षेत्र में निवास करने वाले वैसे परिवार जिनकी आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है, जो दो वक्त की रोटी का इंतज़ाम बड़ी मुश्किल से कर पाते हैं. वैसे परिवारों को प्रत्येक महीने राशन के रूप में चावल,दाल,मसाले, सोयाबीन आदि के साथ-साथ समय-समय पर अन्य जीवनोपयोगी सामग्री जैसे बर्तन, कंबल आदि देने का नेक व सराहनीये कार्य भी करती है, जिससे  उनके जीवनमें आये तकलीफ को कम किया जा सके.

रोटी बैंक सहरसा की शुरुआत 24.06.2018 को हुई थी. रौशन कुमार भगत ने इसकी शुरुआत की थी और धीरे-धीरे समाज में रहने वाले लोगइस काम से जुड़ने लगे और रोटी बैंक की टीम बड़ी होती चली गयी. रौशन बताते है कि उन्होंने ‘रोटी बैंक सहरसा’ की शुरुआत फेसबुक पेज के माध्यम से की थी. रोटी बैंक- सहरसा* के माध्यम से लोगों से जुड़कर उन्हें खाने योग्य भोजन की बर्बादी को रोकने और अन्नदान एवं अन्य जीवनोपयोगी सामग्री दान करने की अपील करते हैं.

वैसे तो इस नेक मुहिम में कई लोगों का राशनदान/ अन्नदान/सामग्री दान/ धनदान के माध्यम से सहयोग प्राप्त होता है. परंतु नियमित रूप से राशनदाता के रूप में निशारानी भगत, जय गुप्ता, सचिन प्रकाश, राजकुमार गुप्ता आदि का सहयोग प्राप्त होता है. इसके अलावा लोग रोटी बैंक के पे.टी.एम. नंबर Paytm No. 9472875305] पर भी लोग आर्थिक सहयोग करते हैं. और जिन्हें दान में भोजन या कोई अन्य सामग्री देनी होती है वे लोग Contact no. 7979056136,7070674745,8676994339 पर संपर्क करते हैं. या फिर Whatsapp no. 9110177479 पर संपर्क करते हैं.

  • 427
  •  
  •  
  •  
  •  
    427
    Shares
Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here