इंटरनेशनल यंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर से सम्मानित हुई बिहार की बेटी स्वीटी, जानिए सफलता की कहानी

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बिहार(Bihar) के छोटे से प्रखंड बाढ़ के नवादा गाँव की स्वीटी(Sweety) ने इस वर्ष इंटरनेशनल यंग प्लेयर ऑफ ईयर (International young player of the year) का ख़िताब जीता है। स्वीटी रग्बी में देश के लिए सिल्वर मैडल भी जीत चुकी है अब आगे इस वर्ष के लिए उसका सपना देश के लिए मैडल जीतना है।

रग्बी में अंतर्राष्ट्रीय पहचान बनाने वाली स्वीटी ने इस खेल में कई ख़िताब अपने नाम हासिल किया है. एशिया रग्बी अंडर 18 गर्ल्स चैंपियनशिप भुवनेश्वर, एशिया रग्बी सेवेंस ट्राफी जकार्ता, विमेन सेवेंस ट्राफी ब्रुनेई, बेस्ट प्लेयर का अवॉर्ड और इंडोनेशिया 2019 में बेस्ट स्कोरर का ख़िताब अपने नाम कर चुकी है।
स्वीटी फिलहाल बाढ़के ही एएनएस कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही हैं।

स्वीटी ने अबतक के अपने इस सफ़र के बारे में कहा है कि बचपन में उसे पढाई में मन नहीं लगता था। वह सिर्फ दौड़ती और खेलती थी। जब वह रग्बी खेला करती तब रग्बी की कोई खास पहचान नहीं थी। उसके माता-पिता भी नहीं जानते थे इस विषय में। जब उसे दुबई में खेलने के लिए जाना था तब उनके माता-पिता को खबर लगी कि रग्बी कोई खेल है और उनकी बेटी को विदेश में खेले जाने का कोई मौका मिला है.

वह बताती है कि वह एक घंटे प्रतिदिन ट्रेन से बाढ़ से पटना आती थी और रग्बी का प्रैक्टिस किया करती थी. रग्बी क्या है वह खुद भी नहीं जानती थी। लेकिन वर्ष 2014 में वह स्कूल के तरफ से खेलने पटना आई और यहाँ पर रग्बी के सेक्रेटरी और उसके कोच पंकज कुमार ने उसे दौड़ते हुएदेखा तो रग्बी में आने के लिए प्रेरती किया। शुरुआत तो परेशानी आई लेकिन कठोर मेहनत से वह सारे रूल्स सिख गई।

स्वीटी अपने पहले बार विदेश दुबई के खेल के बारे में बताती है कि उसे पहले तो काफी डर लगा था लेकिन एक मैच के बाद डर गायब हो गया. और इस खेल में उसे सफलता हासिल की।

वे बताती है कि वर्तमान में बाढ़ में ही कई लड़कियाँ इस खेल के लिए ट्रेनिंग ले रही है। लड़कियों को स्पोर्ट्स में जाने में परेशानी होती है लेकिन फिर भी इस क्षेत्र में यदि परिवार वालों का साथ रहा तो आगे बढ़ा जा सकता है। वे बताती है कि उनके माता-पिता ने कभी भी उसे लड़की होने के नाते खेल में आगे बढ़ेने से नहीं रोका।

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