JDU में शामिल होने वाले RJD विधायकों की हालत खराब, BJP अध्यक्ष के बयान के बाद खलबली

पिछले दिनों राजद के 06 विधायकों ने पार्टी की सदस्यता त्याग कर जदयू की सदस्यता ग्रहण कर ली. जदयू में लगातार विधायकों को शामिल होता देख भाजपा की भौंहे टेढ़ी हो चुकी है. इन 06 विधायकों में केवटी विधायक फराज फातमी, पालीगंज विधायक जयवर्धन यादव, सासाराम विधायक डॉ अशोक कुमार समेत महेश्वर यादव, प्रेमा चौधरी और लालू यादव के समधी चंद्रिका राय प्रमुख है. इन सीटों में से सासाराम सीट और पालीगंज सीट भाजपा की परंपरागत सीटें रही हैं.

जनसंघ के जमाने की सीटें

सासाराम सीट पर तो भाजपा जनसंघ के जमाने से ही मजबूत उपस्थिति दर्ज कराती आ रही है और 1990 से लेकर अब तक कई बार विजय पताका लहरा चुकी है. यही हाल पटना जिले की पालीगंज सीट का भी है. एक खास रणनीति के तहत जदयू ने यहां के विधायकों को अपने पाले में खींच लिया है. महत्वपूर्ण बात तो यह है कि सभी विधायक सीएम नीतीश कुमार से टिकट को लेकर आश्वस्त होने के बाद ही जदयू में शामिल हुए हैं. इस वजह से इन सीटों पर भाजपा कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त आक्रोश देखा जा रहा है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बयान

भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच इन सीटों पर बढ़ते आक्रोश को देखते हुए कल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि परंपरागत सीटों पर पहले की तरह ही भाजपा के प्रत्याशी चुनाव लड़ेगी. उनके इस बयान से भाजपा कार्यकर्ताओं में थोड़ी उम्मीद तो जगती है लेकिन सवाल यहां सीएम नीतीश कुमार की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है क्योंकि इन विधायकों को स्वयं मुख्यमंत्री पार्टी में लाए हैं और वो भी टिकट की गारंटी के साथ.

बिहार भाजपा के सबसे बड़े नेता सुशील कुमार मोदी हैं, और उनका अब तक इस मुद्दे पर कोई बयान सामने नहीं आया है. सुशील कुमार मोदी और नीतीश कुमार की जोड़ी में तालमेल बहुत गजब का है. इसे देखते हुए यह तय है कि नीतीश कुमार के उम्मीदवारों के खिलाफ कम से कम बिहार भाजपा नहीं जाएगी. वहीं बात करें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के इस बयान की तो राजनीति में बहुत कुछ कहा जाता है पर किया नहीं जाता. अगर कथनी और करनी एक होती तो इसका नाम राजनीति क्यों होता !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here