BPSC को लेकर बिहार सरकार ने लिया फैसला, एक दिन और एक ही पाली मे होगी परीक्षा

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बिहार मे छात्रों के प्रदर्शन और मांग के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने (बिहार लोक सेवा आयोग)की प्रारंभिक परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों की समस्या पर विचार करते हुए मुख्य सचिव आमिर सुबहानी के साथ बैठक की. इस बैठक में बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष ने पूरी स्थिति के बारे मे मुख्यमंत्री को बताया . बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष ने सीएम नीतीश (Nitish Government Decision On BPSC Exam) को बताया कि उन्होंने सभी जिलाधिकारी एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया है. इस संदर्भ में फैसला लिया गया है कि बिहार लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा पूर्व की तरह एक दिन एवं एक ही पाली में ली जाएगी.


आपको बता दे कि बीपीएससी की परीक्षा पहेले 2 दिन हुआ करती थी .इस फैसला को लेकर छात्रों मे काफी नाराज़गी थी और इसको लेकर अभियार्थी प्रदर्शन कर रहे थे .अभियार्थी का कहना है फॉर्म भरने के बाद परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया गया है . जो छात्रों को मंजूर नहीं था. किसी भी पब्लिक सर्विस कमीशन में परसेंटाइल सिस्टम नहीं है ऐसे में अभ्यर्थियों की मन में संदेह है कि बीपीएससी परसेंटाइल सिस्टम के माध्यम से फिर से मनमानी करना चाहती है. लेकिन छात्रों की एक मांग थी कि परीक्षा एक दिन और एक ही पाली मे हो जिसपर सरकार ने मंजूरी दे दी हैं .

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हलाकि कि बीपीएसपी अभ्यर्थी परसेंटाइल सिस्टम लागू करने और दो दिन परीक्षा आयोजित कराने को लेकर लगातार विरोध कर रहे थे. इसी मामले को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थियों ने बुधवार को गांधी मैदान से बिहार आयोग तक पैदल मार्च निकाला था. इस दौरान अभ्यर्थियों को रोकने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया और अभियार्थी पर लाठी चार्ज कर के हटाया. इस लाठी चार्ज में कई महिला और पुरुष अभ्यर्थी घायल हो गए थे. पुलिस की लाठीचार्ज में घायल अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास भी पहुंचे थे. जहां उन्होंने उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सेमामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई थी.

बीपीएससी की 67 वी पीटी परीक्षा के पेपर लिक्क होने के बाद रद्द कर दी गई थी. इसके बाद परीक्षा की नई तिथि की घोषणा आयोग ने 20 और 22 सितंबर को कराने की कि थी. लेकिन इस बार परीक्षा में परसेंटाइल सिस्टम लागू किया गया है, लेकिन इस सिस्टम लागू किए जाने से अभ्यर्थियों में क्रोध था. इसके लिए मुख्य परीक्षा की कॉपी स्कैन करके डाली जाएगी ताकि आरटीआई से अंक संबंधित जानकारी मांगने की आवश्यकता ना पड़े. परीक्षा में क्वेश्चन लिक्क से बचने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे और संवेदनशील सेंटर पर अतिरिक्त टीम तैनात की जाएगी. हर परीक्षा केंद्र का एक यूनिक कोड होगा इससे प्रश्न पत्र की पहचान की जाएगी कि कौन सा प्रश्न किस परीक्षा केंद्र का है. वहीं, प्रारंभिक परीक्षा के बाद एक बार अभ्यर्थियों को अपने ऐच्छिक विषय बदलने का भी आयोग इस बार से मौका दे रहा है. जो छात्रों को मंजूर नहीं है.

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