बक्सर के ये 3 युवा-जिन्होंने ठान लिया है अपने लेखनी से भोजपुरी को साफसुथरा और बेहतरीन बनाने का

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इनदिनों बिहार में भोजपुरी गाना के नाम पर ज्यादातर अश्लीलता परोसी जा रही है जिसका समाज और हमारे मनमस्तिष्क पर भी काफी बुरा असर पड़ता है। भोजपुरी गाने में भरमार अश्लीलता से निजात दिलाने के लिए बिहार के बक्सर के तीन युवाओं ने ठान लिया है। भोजपुरी को लेखनी और लोकगीत के माध्यम से साफसुथरा और बेहतरीन बनाने की भरपूर कोशिश में जुटे बक्सर के तीन युवा – युवा कवि राज सिंह – और गीतकार बिट्टू तिवारी – और गायक नन्दन पाठक।

 

युवा कवि राज सिंह अब किसी के परिचय के मोहताज नहीं है। गीतकार बिट्टू तिवारी इन्हें कौन नही जानता हाल ही में तिलकहरू पराईल 1 घंटे की फ़िल्म से भोजपुरी सिनेमा में अपना स्थान बना लिए है। बक्सर के युवा जिसकी कहानी और परिकल्पना राज सिंह और बिट्टू तिवारी ने की है मूवी की शूटिंग अभी जारी है। भोजपुरी गाने में प्रयोग किये जा रहे अश्लीलता को खत्म करने के लिए भोजपुरी लोकगीत परम्परिक गीत को साफ सुथरा करने में जुट गए ये तीनो युवा.

इस दौरान कवि राज सिंह ने ‘दीवानगी राज के’ नामक एक एलबम में अपनी आवाज में एक गीत गाया है जो पूर्णतः साफ़ सुथरा है। इस भोजपुरी एलबम में सिर्फ एक ही गाना है जिसे लिखा है गीतकार बिट्टू तिवारी ने। इस एलबम को भोजपुरी की जानी मानी म्यूजिक कंपनी वेव के द्वारा रिलीज़ किया जा रहा है .

इस सम्बन्ध में कवी राज सिंह ने बताया कि हमारा प्रयास भोजपुरी को साफ सुथरा और बेहतरीन करने है ।उन्होंने कहा कि मै एक भी अश्लील गाना नही परोसूंगा। इस एल्बम के बारे में बताते हुए गीतकार बिट्टू तिवारी ने बताया कि मैं बेहतरीन और साफ-सुथरा गाना लिखने का हमेशा प्रयास करता हूँ। उन्होंने कहा कि मै हमेशा भोजपुरी को अश्लीलता से दूर रखने की भरसक कोशिश करता रहूंगा और सबको यही प्रयास करना चाहिए अपनी पहचान और मातृ भाषा भोजपूरी के लिए।

इस सम्बन्ध में गायक नन्दन पाठक जो कि भोजपुरी के उभरते हुए सितारे है उन्होंने अब तक कई सारे साफ़ सुथरी भोजपुरी गीतों में अपनी आवाज दी है। गायक नंदन पाठक ने भोजपुरी में प्रयोग हो रहे अश्लीलता पर बोलते हुए कहा कि मेरा भी भरपूर प्रयास है कि अश्लील गाना ना गाया जाए और ना गाने दिया जाए। इस सन्दर्भ में नन्दन पाठक ने बताया कि भले ही आठवी अनुसूचि में हमारी भोजपुरीभाषा को शामिल नहीं किया गया है फिर भी हम सब मिल कर इसे और भी आगे ले जा सकते है इसके लिए इसे अश्लीलता से दूर रखनी होगी। उन्होंने बताया कि जिस दिन भोजपुरी अश्लीलता से पूर्ण रूप से आजाद करा लिया गया उस दिन उसे आठवी अनुसूची में जगह मिल जायेगी।

इस सन्दर्भ में कवि राज सिंह ने कहा कि हम भोजपुरी में ऐसा गाना लिखने का प्रयास करते है जिसे एक बेटी अपने पिता के साथ बैठ कर भी सुन सके ,भोजपूरी में ऐसा गाना लिखने का हमारा हमेशा प्रयास रहेगा।

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