CONGRESS ने ही मांझी को दी थी राजनीति में पहचान, हमेशा बदलते रहें दल

पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की राजनीतिक शैली ऐसी है कि उनके पाला बदलने से महागठबंधन राहत की सांस ले रहा है. आज हम आपको बताते हैं जीतन राम मांझी का इतिहास कि कैसे कांग्रेस ने उन्हें सिर पर बिठाया और कई दशक पहले दलितों में दलित कहलाने वाले मुसहर समाज के इस नेता को टिकट देकर पहले विधायक और फिर मंत्री बनाया.

jitan ram manjhi said mahagathbandhan will welcome nitish kumar ...

राजनीति में आने से पहले क्लर्क थें

जीतन राम मांझी राजनीति में कदम रखने से पूर्व डाक विभाग में क्लर्क थें. 1980 में ही कांग्रेस की चंद्रशेखर सिंह सरकार में मांझी मंत्री बन चुके थें. इसके बाद उन्हें बिंदेश्वरी दूबे की सरकार में भी मंत्री बनने का मौका मिला. मांझी बारी बारी से कांग्रेस, राजद और जदयू में रह चुके हैं और इन सभी की सरकारों में मंत्री पद का आनंद प्राप्त कर चुके हैं. मांझी ने जब से अपनी पार्टी बनाई तब से लेकर अब तक बिहार के सभी गठबंधनां का भी आनंद ले लिया है.

1968 में लगी थी नौकरी

Outlook Photo Gallery : Prime Minister Narendra Modi is presented ...

पूर्व सीएम मांझी बेहद गरीब परिवार से आते थें. वर्ष 1968 में उन्हें डाक विभाग में नौकरी मिली लेकिन 1980 में उन्होंने नौकरी छोड़ कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली. मांझी ने गया जिले में जोर शोर से आधी रोटी खाएंगे, इंदिरा गांधी को जीताएंगे आंदोलनन चलाया. मांझी 1980 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधायक बनें. 1985 में दोबारा विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहें लेकिन 1990 में हार गए. हारने के बाद मांझी ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया और लालू प्रसाद के साथ चले गए.

नीतीश से बनाया सीएम

Lalu Prasad's proximity to CM Jitan Ram Manjhi makes things ...

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जब नीतीश कुमार की अगुवाई में जदयू 20 से 02 सीट पर सिमट गया तब नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए नीतीश कुमार ने सीएम की कुर्सी छोड़ दी और जीतन राम मांझी को सीएम बना दिया. सीएम बनने के कुछ दिनों तक सब कुछ ठीकठाक रहा लेकिन बाद में मांझी ने तेवर बदल दिए. जदयू में विद्रोह हो गया. मांझी को हटाने में नीतीश कुमार को नाकों चने चबाने पड़ गए.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here