लॉकडाउन में पापा की छिन गई नौकरी तो नंदनी ने सड़कों पर निकाल लिया रिक्शा

0
362

कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन में कई लोगों के रोजगार छिन गए हैं. ऐसे में एक एस ऐसी तस्वीर सामने आई है जो यह बताती है कि लॉकडाउन के दौरान जिंदगी कितनी कठीन हो गई है. लॉकडाउन के दौरान सब कुछ बंद हो गया है. इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को उठाना पड़ रहा है जो रोज कमाते है. ऐसी ही एक घटना बिहार के सासाराम की है. जहां 14 साल की नंदिनी अपने परिवार का घऱ चलाने के लिए रिक्शा चला रही है. आपको बता दें कि नंदिनी घऱ घऱ में जाकर बर्तन धोती थी और उनके पिता रिक्शा चलाते थे. लेकिन रोड पर रिक्शा चलाने वालों को पुलिस मारने लगी तो नंदिनी के पिता ने रिक्शा चलाना बंद कर दिया.

नंदनी कहती है कि उनके पिता रिक्शा चलाते थे. लॉकडाउन में रिक्शा लेकर निकलने पर कई बार पापा की पिटाई कर दी गई. जिसकी वजह से उन्होंने रिक्शा चलाना बंद कर दिया और मजदूरी खोजने निकल पड़े. ऐसे में दरवाजे पर रिक्शा खड़ा मिला तो वह यह जानकर रिक्शा लेकर निकल गई कि वह लड़की है तो उसे कोई परेशान नहीं करेगा. वहीं सासाराम के सदर अस्पताल जाने वाले रोड पर नंदनी को दो-चार यात्री भी मिल गए. जिससे वह कुछ रुपए भी इकट्ठा कर पाई. वह कहती है कि लॉकडाउन के कारण घरों में झाड़ू-पोछा का काम बंद है.

नंदिनी ने कहा कि कोरोना के कारण लोग अपने घरों में उन्हें नहीं बुला रहे हैं. नंदनी कहती हैं कि खेल-खेल में वह रिक्शा चलाना सीख गई थी. उसे क्या पता था कि उसका इतना फायदा होगा? आज वह अपने परिवार के लिए दो-चार रुपए इकट्ठा कर लेती है, जिससे घर का खर्चा भी निकल जाता है. नंदनी कहती है कि पहले आसपास के लोग कुछ मदद कर देते थे जिससे परिवार चल रहा था लेकिन दूसरों के भरोसे कब तक जिंदगी जिया जाए, इसलिए पापा के बोझ को हल्का करने के लिए वह खुद रिक्शा लेकर निकल जाती हैं. जो भी कमाई होती है वह अतिरिक्त हो जाती है.

यह कहानी उन लोगों के लिए उत्साह देने वाला है जो छोटे काम करने में शर्माते हैं. नंदनी लड़की होकर एक मिशाल पेश की है. नंदनी कहती है कि पहले तो मोहल्ले के लोग उन्हें रिक्शा चलाता देख मजाक उड़ाया करते थे. उन्होंने कहा कि अब ऐसा कुछ नहीं रहा, सब कुछ सामान्य हो गया है. यह कहानी उन लोगों को पढ़नी चाहिए जो छोटे काम को करने में हिचकते हैं. वे यह सोचते हैं कि लोग क्या कहेंगे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here