Big Breaking : बिहार के पूर्व राज्यपाल का निधन, जानिए उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों को

बिहार के पूर्व राज्यपाल एवं मध्य प्रदेश के निवर्तमान राज्यपाल लालजी टंडन का आज तड़के सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर निधन हो गया. लालजी टंडन ने लखनउ के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली. लालजी टंडन अपने दौर के बड़े भाजपा नेताओं में गिने जाते थें. भाजपा में उनकी राजनीतिक हैसियत यह थी कि जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी पंरपरागत लखनउ लोकसभा सीट छोड़ी तो वहां से लालजी टंडन ही उम्मीदवार बनें और जीतें.

MP Governor Lalji Tandon passes away — IND News

स्वर्गीय लालजी टंडन से जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्यों से हम आपको रुबरु करा रहे हैं.

1. लालजी टंडन का राजनीतिक सफर नगर पार्षद से शुरु हुआ. दिलचस्प बात तो यह है कि वो दो बार नगर पार्षद बनें और दो बार ही विधान पार्षद भी.

2. इसके बाद लालजी टंडन तीन बार विधानसभा के भी रहें और अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीति से संन्यास लेने के बाद उनकी लखनउ लोकसभा सीट से सांसद भी रहें. 2009 में जब यूपी में भाजपा हाशिये पर चली गई थी तब उन्होंने 40 हजार वोटों से कांग्रेस उम्मीदवार रीता बहुगुणा जोशी को मात देकर भाजपा का कमल खिलाया था.

3. यूपी की राजनीति में बसपा भाजपा गठबंधन का दिलचस्प प्रयोग भी लालजी टंडन के दिमाग की ही उपज थी. बसपा भाजपा गठबंधन की सरकार यूपी में रही और मायावती इसकी मुख्यमंत्री रहीं.

Lalji Tandon Profile: Madhya Pradesh Governor and Former BJP ...

4. जब लालजी टंडन ने बसपा और भाजपा का गठबंधन कराया और मायावती को सीएम बनवाया तो मायावती ने 22 अगस्त 2002 को लालजी टंडन को अपना भाई घोषित कर दिया और उन्हें चांदी की राखी बांधी. फिर जब बसपा और भाजपा का गठबंधन टूट गया तो ये रिश्ता भी खत्म हो गया और उन्होंने लालजी टंडन को राखी बांधना ंबद कर दिया.

5. लालजी टंडन बिहार के 39वें राज्यपाल थें. उन्होंने 23 अगस्त 2018 को बिहार की कमान संभाली थी. लालजी टंडन नीतीश कुमार को अपना दोस्त मानते थें और कहते थें कि संविधान के दायरे में रहकर बिहार को विकसित बनाने के लिए बतौर राज्यपाल मैं जो कर सकता हूं, वो जरुर करुंगा.

स्वर्गीय लालजी टंडन को बिहारी न्यूज परिवार की ओर से शत शत नमन.

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