घर में आएँगी सुख शान्ति समृद्धि 1 अप्रैल को, करना होगा बस ये कुछ काम, जानें क्या है विधि….

1
699

इस सोमवार, 1 अप्रैल को कृष्णा पक्ष (चैत्र मास) की एकादशी पड़ रही है। जिसे आमतौर पर पापमोचनी व्रत एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवन विष्णु के लिए विशेष पूजा अर्चना एवं उपवास की जाती है। और ख़ास बात इस दिन सोमवार होने से भगवन विष्णु जी के साथ ही भगवान शिव अर्थात भोलेनाथ की भी विशेष पूजा अर्चना जरूर करे। इसका सीधा महत्व स्कन्द पुराण के वैष्णव काल खंड में एकादशी का अलग ही महत्पूर्ण अध्याय है इस अध्याय में वर्णन है की श्री कृष्णा ने महाभारत के दौरान युधिस्ठिर को इन सभी एक साल के पुरे एकादशियों का महत्ता को बतलाया है। श्री कृष्णा के अनुसार किसी भी एकादशी व्रत के दिन किये गए पूजा दान उपवास इत्यादि से उसके जीवन के सभी पाप नष्ट हो जाते है।

उज्जैन के प्रसिद्ध पंडित ज्योतिषाचार्य ने कहा की इस दिन किस तरह के शुभ कार्यों से अपने पाप नष्ट किया जा सकता है….
सुबह एकादशी के दिन अगर संभव हो तो गंगा – स्नान कर अन्यथा घर पर ही स्नान आदि से निवृत होकर भगवन विष्णु के प्रतिमा या फोटो के सामने बैठकर पुरे विधि विधान से पूजा शुरू करे अगर हो सके तो पूजा किसी ब्राह्मण से ही करवाए तो ज्यादा बेहतर होगा। याद रहे उस दिन अन्न का एक दाना भी ग्रहण नहीं करना होत है अगर ऐसा करना संभव न हो तो आप एक समय का फल भी खा सकते है। भगवान् विष्णु को भोग लगा हुआ चरणामृत को खुद भी प्रसाद के रूप में ग्रहण करे और उनको फूल प्रसाद इत्यादि चढ़ाये एवं दिन भर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जाप करते रहे और शाम को धूप दीप आदि जलाये । इसके बाद दूसरे दिन किसी ब्राह्मण को भोजन कराये एवं जरूरतमंद को अपने हिसाब से दान पुण्य देकर भगवन का आशीष प्राप्त करें।

आप एकादशी पर कर सकते है ये भी शुभ काम

किसी मंदिर में ध्वजा का दान या उसे खुद लगा भी सकते है। भगवन बहबोलेनाथ की उपासना कर उनके सामने बैठ कर धूप दीप जलाये। श्री राम नाम का 108 बार जाप भी कर सकते है। शिवलिंग पर जल और काले तिल आदि चढ़ा सकते है जिससे आपको सुख समृद्धि की बरसात हो सकती है। या फिर हनुमान जी के सामने बैठकर दीपक जलाकर सीताराम सीताराम का जाप 108 बार कर सकते है।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here