औचक निरीक्षण कर डीजीपी ने इन पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

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गुप्तेश्वर पांडेय ने बिहार के डीजीपी बनते ही साफ शब्दों में कह दिया था कि वो खुद फील्ड में निकलेंगे, वो अचानक कभी भी और कहीं भी पहुंच सकते हैं। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने शनिवार को आधी रात के बाद अपनी कही बातों को पूरा भी कर दिया है। डीजीपी ने एक नहीं बल्कि राजधानी के दो थानों पर देर रात 12 से 1 बजे के बीच अचानक से छापेमारी कर दी, ये दो थाने एसके पुरी और गर्दनीबाग के थाने हैं। अचानक डीजीपी को देख थानों की ही नहीं, बल्कि पूरे पटना पुलिस के अधिकारियों के बीच जबरदस्त हड़कंप मच गया।

जैसे ही इस बात की जानकारी सेंट्रल रेंज के डीआईजी राजेश कुमार, सिटी एसपी सेंट्रल अमरकेश दारपिनेनी और सचिवालय डीएसपी को हुई, सभी भागते-भागते डीजीपी साहब के पास पहुंच गए। डीजीपी ने काफी सारी खामियां अपने औचक निरीक्षण के दौरान पकड़ी, दोनों ही थानों में थाने की डेली डायरी भी लंबित पाई गई। थाने के पुलिस वाले अवैध वसूली की तैयारी में थे, इसलिए थाने के हाजत में बगैर किसी कानूनी कार्रवाई के एक शख्स को बन्द करके रखा गया था, लेकिन डीजीपी ने इसे पकड़ लिया। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय एसकेपुरी और गर्दनीबाग के थानेदार को ऑन द स्पॉट फैसला करते हुए सस्पेंड कर दिया, इनके साथ ही 2 और पुलिसकर्मी को लापरवाही बरतने के लिए सस्पेंड किया गया।

डीजीपी के औचक निरीक्षण की वजह से एक घंटे से भी कम समय के अंदर पटना में 4 पुलिसकर्मियों को घर की ओर जाना पड़ा। क्राइम कंट्रोल करने की जगह काम में लापरवाही बरतने और अवैध वसूली में लगे पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को आधी रात को हुए इस सख्त कार्रवाई के जरिए उन्हें कड़ा संदेश दिया गया है कि वो अच्छे से अपनी ड्यूटी करें या फिर कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

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