CBSE में कम नंबर आए तो घबराए नहीं, इस IAS ने अपना मार्कशीट शेयर कर बच्चों को मोटिवेट किया

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को इस साल के लि सीबीएसई 12 वीं का जिल्ट घोषित कर दिया है. लेकिन जहां कई छात्र बेहतर प्रदर्शन किये हैं तो वहीं कई छात्रों ने कुछ विद्यार्थी अच्छे अंक नहीं ला पाए. जिन विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा में कम स्कोर किया है. इसको लेकर UPSC टॉपर ने अपनी कहानी लेकर आए है जिसमें उन्होंने उन छात्रों के लिए प्रेरणा देने का काम किया है जो इस परीक्षा में कम अंक लाए हैं. आईएएस नितिन सांगवान ने अपना 12 th का मार्कशीट शेयर किया है.

IAS नितिन सांगवान ने अपने ट्विटर हैंडल से अपनी 12वीं का मार्कशीट शेयर करते हुए लिखा है कि मेरी 12 वीं की परीक्षा में, मुझे कमेस्ट्री में 24 अंक मिले- उत्तीर्ण अंकों से सिर्फ 1 अंक ज्यादा. लेकिन इस बात ने यह तय नहीं किया कि मैं अपने जीवन से क्या चाहता था. विद्यार्थियों को अच्छे अंक लाने के बोझ के नीचे नहीं दबाना चाहिए. बोर्ड के परिणाम ही जीवन का आधार नहीं है. परिणाम को आत्मनिरीक्षण के अवसर की तरह लेना चाहिए और आलोचना से बचना चाहिए.

आपको बता दें कि नितिन सांगवान हरियाणा के रहने वाले हैं. उन्होंने आईआईटी मद्रास से MBA की पढ़ाई पूरी की जिसके बाद उन्हें Infosys चंडीगढ़ में प्लेसमेंट मिल गया. इसी दौरान नितिन ने UPSC की तैयारी करने का फैसला किया. आपको बता दें कि UPSC 2015 में 28 वीं रैंक हासिल की थी और उस समय वह IRS के पद पर कार्यरत थे. नितिन ने कभी अपने 12वीं के खराब प्रदर्शन को जीवन का आधार नहीं बनाया और निरंतर मेहनत करते रहे जिसका नतीजा है की आज वह एक सफल आईएएस अधिकारी है. आपको बता दें कि वर्तमान में स्मार्ट सिटी, अहमदाबाद, गुजरात के उप नगर आयुक्त और सीईओ के रूप में तैनात हैं. दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने इसकी सराहना की है.

मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि आईएएस अधिकारी नितिन सांगवान का ऐसे दिन पर बहुत शक्तिशाली संदेश जिस दिन विद्यार्थी द्वारा प्राप्त किए गए अंक परिवारों को खुश या दुखी कर रहे हैं. उन्होंने लिखा है कि जीवन आत्मविश्वास और साहत के बारे में है, एक परीक्षा में अंक सफलता या असफलता की गारंटी नहीं हो सकते हैं.

यह ट्वीट ऐसे समय में आया है जब 12वीं और 10 वीं का रिजल्ट आया है. अक्सर जो विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में किसी कारणवश अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते है उन्हें अक्सर परिवार और समाज का ताना सुनना पड़ता है. लेकिन यह ट्वीट ऐसे छात्रों के लिए संजीवनी की तरह है जिनका की बोर्ड में कम अंक आया है. उन्होंने समझाया है कि एक परीक्षा किसी के भविष्य का निर्धारण नहीं कर सकता है.

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