बिहार की राजधानी पटना में कोयंबटूर स्तिथ आदियोगी के विशाल प्रतिरूप के पंडाल का निर्माण, दिखेगी 1001 हांथों वाली माँ दुर्गा की प्रतिमा

0
1032

राजधानी पटना में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. पटना के कई स्थानों पर माँ दुर्गा के भव्य पंडालों का निर्माण किया जा रहा हैं जिसमें कई पंडाल ऐसे भी हैं जिसकी आकृति देश के कई मंदिरों से मिलती जुलती बनाई जा रही हैं. बता दे कि पटना के आनंदपुरी चौराहे पर इस साल कोयंबटूर स्तिथ आदियोगी के विशाल प्रतिरूप के पंडाल का निर्माण किया जा रहा हैं, जो की लगभग 50 फूट ऊँचा और 30 फूट चौड़ा होगा. इस पंडाल का निर्माण स्थानीय कलाकार राजू और उनकी टीम के द्वारा किया जा रहा हैं. साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा कि इस पंडाल का निर्माण समय से पहले कर लिया जाये. इसके अलावा मौसम को देखते हुए पंडाल का निर्माण वाटर प्रूफ तरीके से किया जा रहा हैं. ताकि बारिस में पंडाल या पंडाल में स्थापित मूर्ति को किसी प्रकार की हानि न हो. 50 फुट ऊँचा और 30 फूट चौड़ा इस पंडाल का निर्माण पटना आर्ट कॉलेज के छात्र सोम के ग्रुप के द्वारा किया जा रहा हैं.

इस पंडाल में उपस्थित प्रतिमा, पंडाल और सजावट पर इस बार लगभग 10 से 12 लाख रुपये खर्च रखने का लक्ष्य रखा गया है. बताते चले की पूजा में खर्च होने वाली राशी मुहल्लेवासियों और सदस्यों के सहयोग के द्वारा की जाती हैं. वहीं अगर इस बार की प्रतिमा की आकृति की बात करें तो. इस वर्ष आदि योगी पंडाल के अंदर 1001 हाथ वाली मां दुर्गा आशीर्वादी देती मुद्रा में नजर आएँगी. माता के इस प्रतिमा में एक हजार एक हाथ दिखाने का मकसद यहां आने वाले सभी भक्तों के लिए मां दुर्गा का आशीर्वाद का भाव प्रदर्शित करना है. इसके अलावा मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ कई अन्य प्रतिमा का भी निर्माण किया जायेगा. जिनमें गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती और कार्तिकेय की प्रतिमा शामिल है जो की लोगों को काफी आकर्षित करने वाली होगी. इन सभी प्रतिमाओं का नीर्माण तपश पाल की टीम के द्वारा की जा रही हैं.

बीते 40 वर्षों से आनंदपुरी चौराहे पर नवरात्र में माता की प्रतिमा की पूजा की जा रही हैं. पहले इस प्रतिमा की स्थापना बोरिंग कैनाल रोड पंचमुखी मंदिर के बगल में की जाती थी. जिसके बाद मुहल्लेवासियों के अनुरोध के बाद इस मूर्ति की स्थापना हिमगिरी चौराहे के पास करने के पास सामूहिक फैसला लिया गया. हर साल इस पंडाल का निर्माण और इसकी साज-सजावट अलग-अलग थीम पर की जाती हैं. जो लोगों को काफी आकर्षित करती हैं और इसी वजह से हर साल दुर्गा पूजा में यहां पंडाल देखने वालों का भारी भीड़ जमा होती हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here