तेजस्वी की मांग को चुनाव आयोग ने नकारा, बता दिया कब होंगे बिहार विधानसभा चुनाव

बिहार में विधानसभा चुनाव अगले कुछ महीनों में प्रस्तावित है. वैसे तो चुनाव आयोग की ओर से विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनाव अपने समय पर ही होंगे. इसके साथ ही कई तरह के कयासों पर विराम लग गया है.

तेजस्वी की मांग खारिज

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कोरोना की महामारी को देखते हुए यह कहा था कि मुझे समझ में नहीं आ रहा है लेकिन चुनाव कराने के लिए इतनी हड़बड़ी में क्यों हैं ? अभी जिस तरह के हालात हैं, वो चुनाव के लिए सही नहीं है. तेजस्वी ने यह भी कहा था कि यह वक्त बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सही नहीं है लेकिन तेजस्वी यादव की इस मांग को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है. चुनाव आयोग का साफ तौर पर कहना है कि बिहार में विधानसभा के चुनाव समय पर ही होंगे.

विपक्ष की मांग पर आयोग ने लगाया विराम

चुनाव की तारीखों को आगे बढ़ाए जाने की मांग का उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और पप्पू यादव की पार्टी जाप लोकतांत्रिक ने भी समर्थन किया था लेकिन विपक्षी दलों की इस मांग पर चुनाव आयोग ने यह कहते हुए विराम लगा दिया है कि बिहार में चुनाव अपने समय पर ही होंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने यह बात एक न्यूज चैनल पर अपने साक्षात्कार में कही.

2015 में पांच चरणों में हुए थें चुनाव

बात करें विधानसभा चुनाव 2015 की तो उस दौरान पांच चरणों में चुनाव कराए गए थें. चुनाव की तारीखों की घोषणा सितंबर में हुई थी. वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर तक है. इस तरह से माना जा सकता है कि सितंबर में ही विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान हो सकता है. संभव है कि 15 सितंबर से आचार संहिता लग जाए.

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