श्यामा सिंह के निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर

बिहार की औरंगाबाद लोकसभा सीट से कांग्रेस की पूर्व सांसद श्यामा सिंह का कल देर रात दिल्ली में निधन हो गया. इसके बाद से बिहार के राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई. सभी राजनीतिक दलों ने श्यामा सिंह के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक प्रकट किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी श्यामा सिंह के निधन को अपना व्यक्तिगत नुकसान बताया है.

कौन थीं श्यामा सिंह
श्यामा सिंह केरल और नागालैंड के पूर्व राज्यपाल निखिल सिंह की पत्नी थीं. निखिल सिंह भी 2004 से 2009 तक औरंगाबाद के सांसद रहें जबकि श्यामा सिंह 1999 से 2004 तक संसद सदस्य रहीं. श्यामा सिंह को राजनीति में लाने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जाता है.

श्यामा सिंह का जन्म 26 नवंबर 1942 को हुआ था. उनके ससुर स्व. सत्येंद्र नारायण सिन्हा बिहार के मुख्यमंत्री थें. उनकी सास स्व. किशोरी सिन्हा भी सांसद रह चुकी थीं. श्यामा सिंह के पिता टीपीपी सिंह जो कि प्रशासनिक अधिकारी थें, वह भी रिटायरमेंट के बाद पूर्णिया से सांसद हुए. श्यामा सिंह के बड़े भाई एनके सिंह राज्यसभा के जबकि छोटे भाई उदय सिंह पूर्णिया से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए. एनके सिंह भारत सरकार के राजस्व सचिव व प्रधानमंत्री के सचिव के तौर पर भी काम किया था. श्यामा सिंह ने पटना से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की , उसके बाद उन्होंने इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर विमेन में इतिहास से स्नातक किया.

श्यामा सिंह ने बतौर सांसद कई नए विकास परियोजनाओं की शुरुआत की. उन्हें स्कूलों, काॅलेजों से काफी जुड़ाव था. इस क्षेत्र में भी उन्होंने काफी काम किया. औरंगाबाद में कंप्यूटर सेंटर खुलवाने का श्रेय श्यामा सिंह को हीं जाता है. एक सांसद के रुप में नवीनगर थर्मल पाॅवर प्लांट को पुनर्जीवित करना औरंगाबाद की जनता के लिए अविस्मरणीय रहेगा.

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