समस्तीपुर : 3 एकड़ की ओल की फसल बर्बाद ,नही सुन रहे कृषि अधिकारी,परेशान किसान ने खेत में लगे तम्बू और…

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बिहार के समस्तीपुर में किसानो के हालत और कृषि पदाधिकारियों के सुस्त रवैये का एक और मामला सामने आया है. समस्तीपुर जिला के नत्थुद्वार गांव में ओल की फसल बर्बाद होने के की वजह से पीड़ित किसान निरंजन कुमार राय आहत है और बावजूद इसके कृषि पदाधिकारी ने अबतक इस मामले को लेकर कोई पहल नही कि जिससे नाराज किसान अपने ही खेत में तम्बू गाड़कर अनशन पर बैठ गए है।

बता दे कि बिहार के समस्तीपुर के नत्थुद्वार गांव में किसान निरंजन कुमार राय ने अपने 3 एकड़ खेत में ओल की फसल लगाई. 4 लाख रुपये कर्ज लेकर ओल की फसल लगाने वाले निरंजन ने जब पिछले दिनों अपने खेत की खुदाई की तब करीब डेढ़ सौ क्विंटल में 6 क्विंटल ओल ही सही निकला। अपने ओल की फसल बर्बाद होने से निरंजन राय के होश उड़ गए और वो वहीँ सर पकड़ के बैठ गए.

अनशन पर बैठे किसान 

पीड़ित किसान निरंजन राय ने इस मामले में कृषि विभाग के लचर व्यवस्था और सुस्त प्रक्रिया को लेकर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जिला कृषि पदाधिकारी को इस घटना की जानकारी दी। उन्हें कृषि मंत्री के माध्यम से फोन करने की कोशिश की गई। लेकिन वे फोन उठाना मुनासिब नहीं समझे। इस बात से आक्रोशित किसान निरंजन कुमार राय ने कृषि विभाग के खिलाफ धरने पर बैठने का फैसला किया और अपने खेत में ही तम्बू गाड़कर धरने पर बैठ गए.  उन्होंने कहा कि जबतक जिला कृषि अधिकारी फसल क्षति का मुआयना करने खेत तक नहीं आते हैं, अनशन से नहीं उठेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे नहीं आते हैं तो यहां से वे नहीं हटेंगे, चाहे उनकी अर्थी ही क्यों न उठे।

मीडिया में छपी खबर तब तीन दिन बाद पहुंचे कृषि पदाधिकारी 

अपनी फसल के बर्बाद होने की जानकारी उन्होंने कृषि अधिकारियों को भी दी, परन्तु जानकारी दी जाने के बाद भी कृषि पदाधिकारी ने बर्बादी का मुआयना नही किया जिसके बाद किसान आक्रोशित हो गए. इस दौरान एक समाचार पत्र में इस मामले को लेकर खबर छपी जिसके बाद कृषि अनुसंधान केंद्र पूसा के वैज्ञानिको ने इसके बारे में जानकारी ली और जांच करने की बात कही. जिसके तीन दिन के बाद  सोमवार प्रखंड कृषि पदाधिकारी त्रिलोकी ठाकुर ने नत्थुद्वार पहुंचकर पीड़ित किसान के खेत मे सड़े हुए ओल का निरीक्षण किया। उन्होंने भी ओल के फसल की क्षति होने की पुष्टि करते हुए मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।

कृषि विभाग के रवैये से आक्रोशित हो गए ग्रामीण 

कृषि विभाग के इस लापरवाही और सुस्त रवैये से किसान और ग्रामीण बेहद आक्रोशित हो गए . पीड़ित किसान निरंजन कुमार राय ने ग्रामीणों के साथ कृषि अधिकारी के खिलाफ आक्रोश जताते हुए कहा कि किसान मर रहा है और अधिकारी सोए हुए हैं। पीड़ित किसान के सम्बन्धी कुमार अविनाश ने इस सम्बन्ध में बिहारी न्यूज़ से बातचीत करते हुए बताया कि निरंजन कुमार राय ने 3 एकड़ में ओल फसल की खेती 4 लाख रुपए कर्ज लेकर की थी। 1 एकड़ में करीब 1 लाख 20 हजार रुपए की लागत आती है। 12 एकड़ भूमि 1 हजार रुपए प्रति कट्ठा की दर से लीज पर खेती 12 वर्षों से करते आ रहे हैं। जब 4 जनवरी को ओल की खुदाई की तो करीब डेढ़ सौ क्विंटल में 6 क्विंटल ओल ही सही निकला। जब इसकी शिकायत कृषि विभाग से की गई तो अबतक कोई ठोस कदम नही उठाया गया.

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