ख़त्म हुआ महंगे पेट्रोल डीज़ल का झंझट, मिलेगा 60 रूपए प्रति लीटर में चलेगी गाड़ी

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बिहार समेत देश भर में पेट्रोल के बढ़ते दाम परेशानी का सबब बने हुए है, क्यूंकि हर दिन के साथ महँगे होते जा रहे पेट्रोल ने मिडिल क्लास वालों की मानो कमर ही तोड़ दी है और हो भी क्योँ ना 60 रूपए प्रति लीटर को महंगा बात कर सत्ता में आने वाली भाजपा के राज में पेट्रोल डीज़ल के दाम सेंचुरी लगा चुके है और राहत की उम्मीद के कोई संकेत भी नहीं दिख रहे है. क्यूंकि अभी आलाम कुछ ऐसा है कि आप बस पेट्रोल पंप पर रोज़ जाए तो आपको हर दिन नया रेट वहां लिखा मिल जाएगा, ये तो हम आपको हर दिन का बता रहे है अगर आप 4-5 दिनों में जायेंगे तो आप भी ज़रूर एक बार पेट्रोल के बढ़ते दाम को मीटर में देख कर चक्कर खा जायेंगे. जिसके बाद से ही देश भर में पेट्रोल डीज़ल के दाम में राहत की मांग की जा रही है. खैर यह मांग अभी केवल विपक्ष की तरफ से किये जा रहे है क्यूंकि आम जनता तो मान चुकी है कुछ करने से कोई फायदा नहीं होगा. हालांकि फिर भी केंद्र सरकार को लोगो की परेशानी का आभास हुआ है और सरकार ने अब महंगे हो रहे पेट्रोल डीज़ल का एक विकल्प निकाला गया है इतना ही नहीं यह दावा भी किया गया है कि आने वाले समय में आपको 60 रूपए प्रति लीटर में गाडी दौड़ने का मौका मिलने वाला है. हालांकि अभी आपको मेरी ये बात मजाक लग रही होगी, लगना लाज़मी भी है. लेकिन हम भी आपको यह बात दावे से इसीलिए भी बता रहे है क्यूंकि इस बात की चर्चा खुद परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया है इतना ही नहीं उनके अनुसार तो इसका पूरा मसौदा तैयार कर लिया है कुछ ही दिनों बाद महज़ 60 रूपए प्रति लीटर में आपकी गाडी चलने वाली है. जिससे आपको महंगे पेट्रोल और डीज़ल को मजबूरन खरीदने की बाध्यता नहीं होगी. सरकार ने पेट्रोल डीज़ल की निर्भरता को कम करने के लिए तय तरीका निकाला है,मीडिया में चल रही ख़बरों के अनुसार जानकारी के मुताबिक एथनॉल ब्लेडिंग का काम तो पहले से चल रहा है. लेकिन अब सरकार की कोशिश है कि देश में जल्द से जल्द फ्लेक्सईंधन को लॉन्च किया जाये, जिससे आम लोगों को महंगे पेट्रोल डीजल से निजात दिलाई जा सके.

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सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने खुद कहा कि सरकार फ्लेक्स फ्यूल इंजन को अगले 6 महीने में अनिवार्य करने जा रही है. उन्होंने कहा कि ये नियम हर तरह के वाहनों के लिए बनाया जाएगा. इसके अलावा सभी ऑटो कंपनियों को आदेश दिए जाएंगे कि वह फ्लेक्स फ्यूल इंजन को अपने वाहनों में फिट करें. ताकि लोगों को पेट्रोलडीजल की बढ़ती कीमतों से निजात दिलाई जा सके. दरअसल इन दिनों लगातार फ्लेक्सफ्यूल कारों और फ्लेक्स फ्यूल की चर्चा हो रही है. अब सवाल यह है कि आखिरकार फ्लेक्सफ्यूल आखिर है क्या ?

तो हम आपकी जानकारी के लिए आपको बता दे कि इस फ्लेक्सफ्यूल के जरिए आप अपनी कार को एथनॉल के साथ मिश्रित ईंधन पर चला सकते हैं. दरअसल फ्लेक्सफ्यूल गैसोलीन और मेथनॉल या एथनॉल के संयोजन से बना एक वैकल्पिक ईंधन है. आसन भाषा में समझे तो एक फ्लेक्सइंजन मूल रूप से एक मानक पेट्रोल इंजन है, जिसमें कुछ अतिरिक्त घटक होते हैं जो एक से अधिक ईंधन या मिश्रण पर चलते हैं. इसलिए इलेक्ट्रकिल व्हीकल की तुलना में फ्लेक्स इंजन कम लागत में तैयार हो जाते हैं. इस पर सरकार तेजी से काम कर रही है. केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के मुताबिक आने वाले छह माह में इथनॅाल शुरु करने की पूरी तैयारी है. जिससे अब उम्मीद यही है कि पेट्रोल डीज़ल के बढ़ रहे दाम के बीच आम नागरिकों को थोड़ी राहत मिल सकती है.

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