प्रदेश के इन जिलों में नदियां हुई विकराल, लोगों के घरों में घुसा पानी

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बिहार में इन दिनों बारिश भले ही नहीं हो रही है. लेकिन प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात हैं. उत्तर बिहार की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर है. नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से लोगों को काफी परेशानी का सामान करना पड़ रहा है. ग्रामीण इलाकों में पानी आ जाने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि उत्तर बिहार की कई नदियां इन दिनों खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. Kosi River के जलस्तर में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है. Supaul Embankment के आसपास के बसे लोगों के सामने अब सममस्या उत्पन्न होने लगी है. इन इलाकों में फसलें पूरी तरह से डूब गई है. गांव के घर में पानू घूसने लगा है. लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों पर जा रहे हैं. सड़कों का संपर्क पूरी तरह से टूट चूका है. ऐसे में अब बाढ़ के इस हालात में पीड़ितों के लिए नाव की एक सहारा रह गया है. हालांकि जो स्थिति है इन इलाकों में नाव की कमी है. जिला प्रशासन को और नाव की व्यवस्था करने की जरुरत है.

कोसी के चल स्तर में बढ़ोतरी के बाद से दुबियाही, मौजहा, बौरहा, नौआबाखर, परसामाधो का लगभग 36 वार्ड पूर्णतः कोसी की बाढ़ से प्रभावित हो गया है. इन इलाकों में ग्रामीणों के पक्के मकान नदी में समा गए. कोसी में हो रहे कटाव के बाद से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं. इसी तरह के कई पंचायत हैं जहां हजारों परिवार पूरी तरह से प्रभावित है. वहीं गंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. गंगा नदी जो जीवनदायिनी कही जाती है वह अब विकराल रूप धारण कर ली है. गंगा नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ की चपेट में आ गया है. बता दें कि गंगा नदी में पिछले 4 से 5 दिनों में गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. मटिहानी प्रखंड के नयागांव में कुछ ऐसे ही हालात पैदा हो गए हैं, जहां गंगा के कटाव ने विकराल रूप ले चुका है. हालांकि, जिला प्रशासन के द्वारा निरोधी कार्य जरूर किए जा रहे हैं.

file photo

आपको बता दें कि प्रदेश में इन दिनों भले ही बरसात का समय चल रहा है लेकिन प्रदेश में बारिश नहीं हो रही है. उसके बाद भी प्रदेश के उत्तर का हिस्सा इन दिनों बाढ़ की मार झेल रहा है. बाढ़ का एक मात्र कारण हैं नेपाल में हो रही बारिश. जिसका पानी सीधा बिहार में आ रहा है. और बिहार में बने बराज से पानी को छोड़ा जा रहा है जिससे की नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है उसके बाद से यह रिहायसी इलाको में पानी पहुंच रहा है. अगर हम पिछले कुछ दिनों की बात करें तो सुपौल बराज और पश्चिम चंपारण में स्थित बराज से 2 लाख से 3 लाख क्यूसेक तक पानी छोड़ा गया है. वहीं अगर हम गुरुवार की बात करें तो दोपहर के 12 बजे तक 1 लाख 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. जल संसाधन विभाग की तरफ से जारी अपडेट के अनुसार वीरपुर स्थित कोसी बराज पर शाम 06 बजे नदी का कुल डिस्चार्ज 02 लाख 43 हजार 180 क्यूसेक दर्ज किया गया. जिसमें 05 हजार क्यूसेक पानी पूर्वी मुख्य केनाल तथा 2900 क्यूसेक पानी पश्चिमी मुख्य नहर में छोड़ा गया. जानकारी मुताबिक इसी समय नेपाल स्थित बराह क्षेत्र में कोसी का कुल जलस्राव 01 लाख 72 हजार 500 क्यूसेक अंकित किया गया, जो जलस्तर में थोड़ी कमी आने का संकेत दे रहा था.

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