बाढ़ का कहरः मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक का रिंग बांध टूटने से SKMCH पर बाढ़ का खतरा

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उत्तर बिहार की 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं. कई नदियां तो खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. मंगलवार देर रात मुजफ्फरपुर के अहियापुर में बूढ़ी गंडक का रिंग बांध टूटने से मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी एनएच 77 पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया है. एनएच में कटाव से मेडिकल कॉलेज (SKMCH) पर खतरा मंडरा रहा है.

बाढ़ का पानी सड़क से करीब एक फीट नीचे रह गया है. स्थानीय लोगों ने बांस बल्ली लगाकर इस एनएच पर आवाजाही बंद कर दी है. एसकेएमसीएच में पानी घुसा तो स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ सकती हैं. जिले के 13 प्रखंडों में बाढ़ तबाही मचा रहा है. सैकड़ों लोगों ने बांध व सड़क पर शरण ले रखी है. उधर, पूर्वी चंपारण के मोतिहारी नगर पंचायत में बाढ़ का पानी घुस गया है. इससे कुल 11 वार्ड प्रभावित हो गए हैं. नगर पंचायत के थाना चौक से बथना जाने वाली सड़क पर तीन फीट पानी बह रहा है. इस जिले में कुल 15 प्रखंड बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं.

दरभंगा के बिरौल में जमींदारी बांध टूटने से पांच पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है. एकमीघाट-सिरनियां बांध, खराजपुर स्थित बिजैया बांध में रिसाव होने से आसपास के इलाके में अफरातफरी मची हुई है. पश्चिम चंपारण में बाढ़ का पानी अब घटने लगा है. वाल्मीकिनगर, ठकराहां, भितहा, बैरिया व नौतन के दियारावर्ती गांव में बाढ़ का पानी घटने से हजारों परिवारों ने थोड़ी राहत की सांस ली है.

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