गया का गौतम बुद्ध वाइल्ड लाइफ सेंचुरी जल्द बनेगा पर्यटन स्थल

0
1001

बिहार के गया में बहुत जल्द वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को घूमने का अवसर मिलेगा। जनता जल्द ही जंगल सफारी का आनंद ले सकेगी। बाराचट्टी के भलुआ स्थित गौतम बुद्ध वन्यप्राणी आश्रयणी को वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के रूप में विकसित करने की तैयारी आरंभ हो गई है। केंद्र सरकार के स्तर पर इस परियोजना को स्वीकृति दे दिया गया है। कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने वन विभाग के पदाधिकारियों के साथ इस विषय पर मंथन किया है। खबर के अनुसार, वन विभाग के 13958.65 हेक्टेयर में फैले इस इलाके में तेंदुए, चार तरह के हिरन सहित दूसरे वन्य जीव को देखा गया है। वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, एक वक़्त में इस जंगल में बाघ भी रहा करते थे। उपस्थित जानवरों के संरक्षण और दूसरे जानवरों को भी यहाँ शिफ्ट कर एक अच्छा सेंचुरी का निर्माण किया जा सकता है।

कृषि मंत्री ने कहा कि DFO अभिषेक कुमार के साथ इस परियोजना पर चर्चा हुई है। यह सुनिश्चित हुआ कि सबसे पहले उस क्षेत्र में रहनेवाले व्यक्तियों को यह समझना होगा कि जानवरो का शिकार नहीं करें। इसके साथ ही वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के निर्माण के दौरान उन्हें शिफ्ट भी किया जा सकता है। इस पूरे परियोजना की पूरी रिपोर्ट तैयार हो जाने के बाद कार्य को आरंभ कर दिया जाएगा।

वन्य प्राणियों के लिए 1976 में बना था आश्रय

14 सितंबर 1976 में इस वन क्षेत्र को बतौर वन्य प्राणी आश्रयणी अधिसूचित कर दिया गया था। इस इलाके में बड़े तादाद में जंगली जानवर रहा करते थे। पुराने वक़्त के लोग कहते हैं कि 30 वर्ष पहले इन जंगलों में बाघ रहते थे। वन जीवों से खतरा एवं शौक पूरा करने वाले व्यक्तियों ने इनका शिकार करना आरंभ कर दिया। धीरे -धीरे बाघ जैसे जानवर गायब हो गए। वन विभाग के पदाधिकारियों ने जो रिपोर्ट तैयार किया है उसमें बताया गया है कि इसे वाइल्ड लाइफ सेंचुरी बना दिये जाने के बाद यह एक जबरदस्त पर्यटन स्थल बन जाएगा। एक मर्तबा फिर यहां वन्य जीवों को संरक्षित किया जा सकेगा। सरकार के राजस्व के साथ-साथ यह गया में एक आकर्षण का केंद्र भी होगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here