सोना- चांदी के दाम में बीते पांच दिनों में आई सबसे बड़ी गिरावट, हुआ इतने रूपए सस्ता

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बीते कुछ दिनों से जहाँ एक तरफ अर्थव्यवस्था के गिरते स्तर ने महंगाई बढ़ने की हवा को तेज़ कर दिया था मगर इन सब के बीच सोने के गिरते भाव ने सबको चौका कर रख दिया है. ख़बरों की माने तो बीते पांच दिनों में 5000 रूपए प्रति ग्राम की ज़बरदस्त गिरावट दर्ज की गयी है. जिसके परिणामस्वरुप सोने का भाव 44500 से गिरकर अब 39225 रूपए पहुँच चूका है. वहीं सोने के भाव में इस गिरावट के पीछे का कारण भी कोरोना वायरस ही है. बाजारों में नकदी की समस्या की वजह से सोने के भाव में इतनी ज्यादा गिरावट देखने को मिली है.

ब्लूमबर्ग के एक रिपोर्ट पर गौर करे तो आज सुबह सोने के भाव में 0.79 फीसदी से लेकर 11.95 डॉलर की गिरावट के साथ 1502.15 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है. वहीं इंटरनेशनल लेवल चांदी के भाव को देखे तो चांदी के कीमतों में भी कमी दर्ज की गयी है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार 0.02 फीसदी यानी की 11350 रूपए की गिरावट के साथ चांदी 12.91 डॉलर प्रति औंस यानी की 46969 से सीधा लुढ़क कर 35587 पर ट्रेड कर रहा है.

क्या मंदी की तरफ बढ़ रही है वैश्विक अर्थव्यवस्था

जिसके बाद यह सवाल अहम् हो गया है कि क्या कोरोना वायरस अपनी चपेट में वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर मंदी की ओर बढ़ रहा है? क्यूंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी इसी बात की चिंता ज़ाहिर की है. इतना ही नहीं आज सुबह सेंसेक्स का भी कुछ ऐसा ही हाल था सुबह सुबह आज सेंसेक्स का बाज़ार 7200 अंक की गिरावट के साथ खुला. मार्च के शुरूआती महीने में सेंसेक्स का उच्चतम स्तर 38623 अंक था जो की मार्च के मध्य आतेआते 31450 के करीब ट्रेड कर रहा है. वैश्विक मंदी की स्थिति भी इसीलिए उत्पन्न हो रही है क्यूंकि शेयर बाज़ार और अर्थव्यवस्था की डाबाडोल स्थिति के बीच अब निवेशक शेयर बाज़ार और सोना चांदी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले निवेश से अपना पैसा निकाल रहे है.

पेट्रोल भी हुआ सस्ता 

परेशानी की बात यह की सिर्फ सोने चांदी के भाव में ही नहीं बल्कि पूरा सराफा बाज़ार ही नीचे आ चूका है, कच्चे तेल के दामो में 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गयी है, जिसके परिणामस्वारूप बीते 14 महीने में सबसे सस्ता पेट्रोल मिल रहा है.

कोरोना अपने साथ जिंदगियों के साथ साथ बहुत कुछ लेकर जायेगा

कोरोना के बढ़ते प्रभाव ने पूरी दुनिया को आर्थिक अँधेरे में धकेलने का काम किया है और ये अभी यहीं थमने वाला भी नहीं है क्यूंकि हर बीतते दिन के साथ कोरोना से सक्रमित नए व्यक्तियों की सूची बढती ही जा रही है. तमाम एजेंसियो ने भी यह दावा कर दिया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर में कम से कम 20-30 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट देखी जा सकती है.

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