खुशखबरी : यहाँ कोरोना टीकाकरण का कार्य शुरू

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पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना महामारी से जूझ रही है. कोरोना वायरस ने लोगों के जीवन पर बहुत ही बुरा प्रभाव डाला है. कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक अमेरिका ने हाल ही में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका बनाने वाली कंपनी फाइजर को आपात इस्तेमाल मंजूरी दे दी थी. आपको बता दें कि फाइजर दवा बनाने वाली अमेरिकन कंपनी है और अब फाइजर ने आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिलने के बाद कोविड 19 के टीके की पहली खेप मिशिगन गोदाम से रवाना कर दी है. यह अपने आप में एक बहुत बड़ी खबर है कि बहुप्रतीक्षित covid 19 के टीकाकरण की शुरुआत होने जा रही है. टीका लगाए जाने की साथ ही अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो जाएगी.

अमेरिका में कोरोना संक्रमण की वजह से अबतक 3 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं मिशिगन स्थित फाइजर की निर्माण इकाई से covid 19 के टीके की पहली खेप को ट्रकों में भरकर रवाना किया गया. यह खेप पहले से ही तय 636 स्थानों पर पहुंचाई जाएगी.

आपको बता दें कि फाइजर ने अपनी वैक्सीन की इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए भारत में भी अप्रूवल माँगा है. हालांकि फाइजर वैक्सीन को लेकर भारत सरकार शंका में है. दरअसल फाइजर वैक्सीन को माइनस 70 डिग्री तापमान में रखा जा सकता है. भारत में इस तरह की फ्रीज की उपलब्धता कम होने के कारण इस वैक्सीन का गांवों में पहुंचना मश्किल लग रहा है. हालाँकि फाइजर के तरफ से यह कहा गया है कि वह भारत जैसे देशों के लिए अलग से काम कर रही है ताकि इसके लिए डीप रेफ्रिजरेशन की जरुरत न पड़े.

भारत में अभी तक तीन फार्मा कम्पनियों ने अपनी वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए आवेदन दिया है. सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इन संभावित वैक्सीन्स को मंजूरी देने से पहले एक्सपर्ट कमेटी ने इन कंपनियों से इनके ट्रायल से जुड़े ज्यादा से ज्यादा डेटा माँगा है.

वहीं अमेरिका खाद्य एवं औषधि प्रशासन एफडीए ने फाइजर वैक्सीन को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी थी और अमेरिका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र की टीकाकरण से जुड़ी समिति ने 16 साल और इससे ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना को टीका देने के पक्ष में मतदान किया. सबसे बड़ी बात यह है कि अमेरिका ने covid 19 का तह टीका ऐसे समय में उपलब्ध हुआ है जब यहाँ कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या अस्पतालों में सबसे अधिक है.

अमेरिका में अभी सर्दियों की छुट्टियाँ पड़नी है और ऐसे में यहाँ विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि बड़ी आबादी को टीका लगाने से पहले तक स्थिति खराब ही बने रहने की आशंका है. ऑपरेशन वार्प स्पीड के तहत आने वाले सप्ताह में राज्यों के 636 अस्पतालों और क्लीनिकों में यह टीका पहुँचाया जाएगा. सी एन एन की खबर के मुताबिक गोदाम से ट्रकों में भरकर टीकों की एक लाख 84 जहर 275 शीशियां रवाना की गई.

तो इस तरह से अब अमेरिका में covid 19 के टीकाकरण की शुरुआत होने वाली है.

भारत में भी वैक्सीनेशन का काम बहुत तेज से चल रहा है. इसके लिए सरकार मापदंड तैयार करने में लगी है ऐसी संभावना जताई जा रही है है कि अगले साल मार्च तक भारत में भी कोरोना का टीकाकरण शुरू हो जाएगा.

हालाँकि जब तक वैक्सीन नही आ जाता तब तक जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है. इसलिए कोरोना से जुड़ी गाइडलाइन्स का कड़ाई से पालन करना बहुत जरुरी है.

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