अगर आप सरकारी कर्मी हैं तो जानें यह नियम, नहीं तो फंस सकता है आपका भुगतान

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अगर आप सरकारी कर्मी है और आप किराये के मकान में रहते हैं पर आयकर की छूट चाहिए तो मकान मालिक का पैन नंबर देना होगा. वित्त विभाग द्वारा CFMS (कंप्रीहेंसिव फायनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम) लागू किए जाने के बाद सरकारी कर्मियों के भुगतान से संबंधित बिलों पर ट्रेजरी द्वारा आपत्ति दर्ज करने के कई मामले सामने आए हैं. इनमें आयकर भुगतान का उल्लेख मकान किराया मद में किया गया है लेकिन मकान मालिक के पैन नंबर का उल्लेख नहीं है. वित्तीय प्रबंधन की ऑनलाइन नई प्रणाली सीएफएमएस के एक अप्रैल 2019 से लागू है. जिसके तहत अब आयकर में छूट लेने के लिए मकान मालिक का पैन नबंर देना जरूरी हो गया है. 

कर्मियों के जल्द भुगतान नहीं होने का एक दुसरा कारण भी सामने आया है. संबंधित मामले में मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों के द्वारा बिल बनाने में कई त्रुटिपूर्ण तरीके अपनाए जा रहे हैं. जिसके कारण बिलों के भुगतान को लेकर ट्रेजरी स्तर से किए जाने वाले आपत्तियों की संख्या में वृद्धि हो रही है. जिससे बिलों के भुगतान में अनावश्यक देरी हो रही है.

सरकारी कर्मचारियों के द्वारा वेतन निर्गत करने या सरकारी मद के पैसे को खर्च करने के संबंध में भी बहुत सारी त्रुटियां है जिसके चलते पैसे का सही समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है. ज्यादातर मामला असावधानीपूर्वक बिल बनाने के कारण हो रहा है. बिल एवं प्राधिकार पत्र में दर्ज नाम में अंतर होने के कारण भी गलतीयां हो रही है. सबसे बड़ी त्रुटि यह भी पायी गयी है कि वेंडर, आपूर्तिकर्ता या संविदा पर नियुक्त कर्मी आदि जिनको सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान करना संभव है, वह राशि भी डीडीओ अपने पदनाम से खोले गए खाते में डालना चाहते हैं. यह सीएफएमएस प्रणाली के संपूर्ण उद्देश्य को समाप्त करने वाला वाले कदम है।

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