Big Breaking : मांझी की पार्टी ने किया महागठबंधन से अलग होने का फैसला

अंततः कई महीनों से चली आ रही खींचतान के बाद पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोरचा सेकुलर ने महागठबंधन से अलग होने का फैसला ले लिया है. पार्टी ने अपने मान सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए राजद और कांग्रेस से अपना गठबंधन तोड़ने का निर्णय कोर कमिटी की बैठक में ले लिया है. अब यह देखना बाकी है कि मांझी का रुख किस गठबंधन की ओर होगा !

राजद का व्यवहार सही नहीं

जीतन राम मांझी के पुत्र और विधान पार्षद संतोष कुमार सुमन ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान आज बताया कि जीतन राम मांझी लगातार महागठबंधन में कोआर्डिनेशन कमिटी की मांग करते आ रहे थें, लेकिन कांग्रेस और राजद ने उनकी अवहेलना की गई. कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तो हमसे बात करना भी मुनासिब नहीं समझा. जिस प्रकार से महागठबंधन के प्रमुख घटक दल राजद का व्यवहार था, उससे हमें समझ में आने लगा था कि वह हमें साथ लेकर नहीं चलना चाहते हैं.

नेता का सम्मान बचना चाहिए

संतोष कुमार सुमन ने कहा कि शायद राजद को लगता है कि मांझी के गठबंधन में होने या न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है. राजद को दलितों से प्यार नहीं है. जीतन राम मांझी दलितों के एक बड़े चेहरा हैं. सुमन ने बताया कि अब पार्टी स्वतंत्र हो चुकी है. दो तीन दिनों में फैसला लिया जाएगा कि हम किस गठबंधन की ओर रुख करेंगे. मांझी के पुत्र ने कहा कि हम अकेले लड़ने को भी स्वतंत्र हैं.

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