होलीका द-हन पर बन रहे हैं महासंयोग, इस तरह करें पूजा

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भारतीय संस्कृति में पर्व-त्योहार की अपनी एक अलग ही महत्ता और उत्साह है, साथ ही आध्यात्मिक रूप से मुहूर्त और योग का भी विशेष महत्व है. कई शताब्दियों के बाद इस वर्ष होली पर गुरु और शनि अपनी-अपनी राशि में एक साथ होंगे। गुरु अपनी राशि और शनि अपनी राशि मकर में होंगे। होली पर पारिजात, वेशी और बुधादित्य योग भी बन रहा है.

इस वर्ष होली में गजकेशरी, सर्वार्थ सिद्धियोग और जय योग का भी संयोग बन रहा है. इसे आध्यात्मिक रूप काफी शुभ माना जाता है. इस बार होलिका दहन पर ध्वज योग, अमृत योग और सौभाग्यसुन्दरी योग का महासंयोग बन रहा है. ऐसा संयोग होलिका दहन पर लगभग 9 वर्षों के बाद बना है। वहीँ पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में होलिका दहन होने से ध्वजा योग बना है.

मंगल दोष दूर करने के लिए यह उपाय महत्वपूर्ण है
इस बार होली मंगलवार को मनाया जा रहा है. भगवती और हनुमान जी की आराधना करें। उन्हने गुलाबी अबीर, अबरख, तुलसीपत्र और मंजरी अर्पित करें। इससे मंगल दोष दूर होंगे। मंगलिकार कार्य भी संभव होंगे।

होलिका दहन होली पर्व में सर्वप्रथम महत्वपूर्ण स्थान रखता है. होलिका पूजन मन्त्र है –

अहकूटा भयत्रस्तै: कृता त्वं होलि बालिशै:
अतस्तां पूजयिष्यामि भूति भूति प्रदायिनीम।

अगजा के भस्म से होली की शुरुआत होगी।
होलिका दहन की पूजा और रक्शोधनन सूक्त की पाठ की जाएगी। अगजा की पांच बार परिक्रम होगी। ऐसा दौरान तंत्र विद्या की साधना भी की जाएगी। अगजा जलाये जाने के बाद सुबह में उसमें आलू, हरा चना, पकाकर ओरहा खाया जायेगा। इस दौरान अगजा के समीप लोग सुमरन गाएंगे। सुमिरन गाने के बाद नए कपड़े धारण कर भगवान को रंग-अबीर लगाएंगे।

होली के अवसर पर कुलदेवता की भी पूजा-अर्चना की जाती है. होली के दिन ही मिथिलांचल में सप्ताडोरा की पूजा की जाती है. माँ भगवती और कुलदेवता को सिंदूर अर्पण किया जायेगा। इसके आलावा 56 भोग भी लगाया जायेगा।

राशि के अनुसार अगजा में अर्पण करें।

मेष, वृश्चिक: दही, गुड़ की मिठाई,

वृष, तुला:चावल की खीर,दही बाड़ा,नारियल मिठाई

मिथुन-कन्या: रेवड़ी, मूंग हलवा, पुआ,

कर्क: छेने की मिठाई,दही,मालभोगर्

सिंह: उड़द की मिठाई, जुझिया

धनु-मीन: बेसन की मिठाई, गेहूं

मकर-कुंभ: अपराजिता फूल, मकई भुट्टा

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त : नौ मार्च को

शाम 6.22 बजे से रात 8.49 बजे

भद्रा पूंछ : सुबह 9.50 से 10.50

भद्रा मुख : सुबह 10.51 बजे से दोपहर 12.32 बजे तक

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