50 IITians ने पिछड़ी जातियों के कल्याण के लिए छोड़ा नौकरी ,बना लिया पॉलिटिकल पार्टी

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जहां एक तरफ आज के युवा नौकरी के लिए लगातार प्रयासरत है और राजनीति को बेहद गन्दी चीज मानते है ,वहीँ दूसरी तरफ Indian Institutes of Technology (आईआईटी) के 50 पूर्व छात्रों ने अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़कर राजनीतिक दल बना लिया है। छात्रों ने बनाये गए इस राजनीतिक दल का नांम ‘बहुजन आजाद पार्टी’ (BAP) रखा है

बता दे कि बहुजन आजाद पार्टी आईआईटी के छात्रों द्वारा बनाया गया पार्टी है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में पिछडो और दलितों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ लड़ना है। देश में जाति के नाम पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लड़ना है। ये कहना है पार्टी के संयोजक नविन कुमार का। उन्होंने आगे कहा कि हमारे दल में सभी लोग देश के अलग-अलग आईआईटी से ग्रैजुएट हैं और सभी ने अपनी नौकरियां छोड़ दी हैं. नविन कुमार कुमार खुद दिल्ली आईआईटी से ग्रेज्युएट है।

छात्रों का कहना है कि वो 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाग नहीं लेना चाहते है। पार्टी के सदस्यों का कहना है कि हम अभी जल्दबाजी में कोई काम कर के छोटी-मोटी पार्टी की तरह खत्म नहीं होना चाहते. हम 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव से शुरूआत करेंगे और फिर अगले लोकसभा चुनाव को लक्ष्य बनाएंगे.

बहुजन आजाद पार्टी के अन्य सदस्यों का कहना है कि देश में पिछडो के साथ काफी भेदभाव किया जाता है और उन्हें सही तरीके से अधिकार नहीं दिया जाता है। इस पार्टी के ज्यादातर सदस्य पिछड़ी और दलित वर्ग से है। उन सबका मानना है कि एससी-एसटी और ओबीसी समुदायों को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में पूरी तरह हक नहीं मिला है. छात्रों ने सोशल मीडिया पर मुहीम भी शुरू कर दी है।

बहुजन आजाद पार्टी (बीएपी) के फाउंडर मेंबर अखिलेश ने बताया कि हमारी पार्टी पिछड़ों के नाम पर राजनीति नहीं करेगी. पिछड़ों को उनका हक दिलाएगी. उन्होंने आगे बताया कि इस पार्टी में 25 से 40 साल के पढ़े-लिखे युवा ही उनके उम्मीदवार होंगे. उनकी पार्टी ओबीसी, एससी, एसटी और महिलाओं को अपना उम्मीदवार बनाएगी. जिन पर आपराधिक मामला दर्ज होगा, उन्हें टिकट नहीं मिलेगा.

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