बिहार में हर 4 में से 3 लोग कोरोना वायरस से सुरक्षित

0
312

बिहार में 4 जून से 6 जुलाई के बीच हुए सीरो सर्वे के नतीजों सामने आ गए है जिसके तहत सूबे की तीनचौथाई यानी करीब 8.76 करोड़ लोगों में कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडी विकसित हो चुकी है, बिहार के छह जिलों में किये गए सिरो सर्वे में 6 जिलों के आंकड़ों को देखे तो औसत 73 प्रतिशत पाया गया है.सर्वे के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक 83.8% बक्सर के लोगों में इम्यूनिटी विकसित हुई है। मधुबनी 77.1%, अरवल 73.7%, बेगूसराय 72.7%, मुजफ्फरपुर 65.3% और पूर्णिया के 65% लोगों में कोरोना से लड़ने वाली इम्यूनिटी पाई गई है। राज्य में इन्हीं छह जिलों में सीरो सर्वे हुआ है.

कोरोना ने पिछले डेढ़ सालों में कई लोगो की जिंदगी खराब कर दी है, कोरोना के कारण कई परिवारों ने अपनों को खोया है. कोरोना ने ऐसा दंश दिखाया की देश का हर एक नागरिक इस बात से इनकार नही कर पायेगा की उसने किसी अपने को या फिर किसी जान पहचान वाले को ना खोया हो कोरोना का आलम कुछ ऐसा दिखा की कई राज्यों में तो स्थिति नियंत्रण से ही बाहर नज़र आई, हालांकि दुस्रू लहर के बाद पुरे देश ने रहत की सांस तो ज़रूर ली है मगर कई राज्यों का अभी भी बुरा हाल है, वहीं कोरोना भी अब इच्छाधारी सांप के सामान हो गया है जो जब चाहे रूप बदल रहा है, वहीं इन सब के बीच बिहार एक ऐसा राज्य उभर कर निकला है जहाँ पर कोरोना के जारी उथल पुथल के बीच राहत की खबर सामने आई है. स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार 12 करोड़ की आबादी वाले बिहार में कोरोना की दूसरी लहर तक कुल मिलाकर 7.14 लाख लोग इस बीमारी की चपेट में आये है हालांकि राहत की बात यह रही की संक्रमितों की संख्या में बिहार में कोरोना को मात देने वालों की संख्या ज्यादा रही जिसका अंदाजा आप बिहार के रिकवरी दर को देख के लगा सकते है. स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार कुल मिलाकर 98.6 प्रतिशत लोग इस दौरान ठीक होकर घर वापस लौट गए है जिनमे एंटीबाडी विकसित हो गयी है.

आपको बता दे बिहार में हुए सीरो सर्वे के दौरान सैंपल जांच के लिए चेन्नई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी को भेजे गए थे। यह पहला मौका था जब तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर चौथे चरण के सीरो सर्वे में व्यस्कों के अलावा छह साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी शामिल किया गया था। प्रत्येक जिले से 500 सैंपल लिए गए थे। इसमें 400 सैंपल आम लोगों से लिए गए थे, जबकि 100 सैंपल स्वास्थ्य कर्मियों का था पहले दो सर्वे बीते साल मई और अगस्त में हुए थे। इसमें सिर्फ व्यस्कों को शामिल किया गया था,इससे पहले भी हालांकि सीरो सर्वे का आयोजन करवाया गया था उस दौरान पहले चरण के सीरो सर्वे में मुज्ज़फरपुर एक एक भी व्यक्ति में एंटीबाडी का आंकलन नहीं किया गया था जबकि उस दौरान बक्सर, अरवल, मधुबनी, पूर्णिया. और बेगुसराय में लगभग 1 प्रतिशत या इससे भी कम लोगो में एंटीबाडी को विकसित किया गया था हालांकि बीते साल दिसम्बर में हुए सर्वे में बिहार ने राहत की सांस ली थी जिसके तहत अरवल, बक्सर, मधुबनी, मुज्ज़फरपुर, पूर्णिया और बेगुसराय में 20 प्रतिशत से ज्यादा एंटीबाडी देखा गया था.

इधर राजधानी पटना वासी कोरोना के माहौल में काफी एक्टिव नज़र आये है, जारी आंकड़ों के अनुसार राजधानी पटना के लगभग 80 शहरी लोगो को टीका लग चूका है. वहीं कुल संक्रमितों में से अगर देखे तो पटना में ही अकेले 1.46 लाख लोग पॉजिटिव हुए थे, वहीं एम्स,पटना के मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. रविकीर्ति के अनुसार इस आधार पर उम्मीद की जा सकती है कि यहां लोगों में हर्ड इम्यूनिटी आ गई होगी। फिर भी सतर्कता जरूरी है क्योंकि हर्ड इम्यूनिटी का मानक छू चुके कई देशों में देखा जा रहा है कि वहां लोग कोराना से संक्रमित हो रहे हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here