अब स्लीपर के किराए में कर सकेंगे AC में सफ़र

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यात्रिगन कृपया ध्यान दे, यह वही आवाज़ है जिसको सुनते ही आपके कान खड़े हो जाते है की कही रेलवे की तरफ से जो सुचना जारी की जा रही है वो आपके लिए तो नहीं है तो आज आप भी हमारे इस विडियो को शुरू से लेकर अंत तक ध्यान से सुने क्यूंकि आज के इस विडियो में आपको हम एक बहुत ही ज़रूरी जानकारी देने वाले है जो यकीनन आपके फायदे की होने वाली है और खासकर की बिहार झारखण्ड के यात्रियों के लिए, अक्सर ट्रेन में सफ़र करने के दौरान पैसा ज्यादा लगने के कारण ac के बजाये स्लीपर की टिकेट कटवाते है ताकि सफ़र लिए उनकी जेब कम ढीली हो लेकिन स्लीपर में सफ़र करना अपने आप में ही एक मशक्कत भरा काम है, क्यूंकि रात होते होते आपकी सीट पर ना जाने कितने और लोग नज़र आने लगेंगे ऐसे समय में एक पल के लिए आपके दिमाग में भी यह ज़रूर आता होगा, कि इससे बढ़िया तो ac का टिकेट ले लेते. ऐसे में आपको अगर पता चले की आप स्लीपर के खर्चे में सफ़र कर सकेंगे तो आखिर इस ऑफर को कौन मना कर पायेगा आपको लग रहा होगा, की मेरी बातें मज़ाक है लेकिन सच मानिये ऐसा कुछ भी नहीं है, रेलवे मंत्रालय ने बिहार झारखण्ड के यात्रियों के लिए एक नई योजना बनाई है जिसके तहत काफी कम किराया देकर भी आप AC क्लास में आसानी से सफ़र कर पाएंगे, क्यूंकि रेलवे जल्द ही अपने कोच में बदलाव करने वाला है जिसे UPGRADATION का नाम दिया गया है, इस प्रक्रिया के दौरान यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे, रेलवे अधिकारीयों की माने तो रेलवे जल्दी ही ट्रेनों में ऐसी इकॉनमी क्लास की शुरुआत करने के लिए तैयारी कर रहा है. नए एसी इकनॉमी क्लास का डिजाइन बिना AC स्लीपर क्लास का अपग्रेड माना जा रहा है. यह लगभग एसी 3 टायर के जैसा ही होगी. इसमें एक्सट्रा बर्थ के लिए अलग से बे बनाया जाएगा. साथ ही एसी इकोनॉमी क्लास का नाम 3E रखा जा सकता है. ताकि आरक्षण कराते समय सहूलियत रहे. बता दें कि एक दशक पहले गरीब रथ ट्रेनों में एसी इकोनॉमी क्लास की शुरुआत की गई थी, लेकिन यह सफल साबित नहीं हुआ.

आपको बता दे इकोनॉमी क्लास के कोच को भारतीय रेलवे के कई जोन में अब तक कुल 27 कोच दिए हैं. इकोनॉमी क्लास के कोच में 72 बर्थ हो सकते हैं, जबकि मौजूदा एसी-3 में 83 बर्थ होते हैं. खबर यह भी है कि इस नए एसीइकोनॉमी कोचों को पश्चिम रेलवे के तहत दुरंतो ट्रेन और देश के अन्य हिस्सों में चलने वाली ट्रेनों के साथ पहले जोड़ा जाएगा. हालांकि अभी रेलवे ने इस क्लास के लिए किराया तय नहीं किया है, ऐसे में इस दौरान रेलवे यात्रियों को इस सुविधा का लाभ दे सकता है.

ये तो हो गयी कोच की बात अगर हम भारतीय रेलवे की बात करे तो यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ही किराया तय किया जायेगा यह ध्यान रखा जायेगा कि इकोनॉमिक क्लास का किराया उतना रखा जाए, जो आमतौर पर स्लीपर यानी नॉन एसी का टिकट खरीदते हैं उसके बराबर पड़े रेल मंत्रालय जल्द ही इसके किराए पर औपचारिक रूप से फैसला ले सकता है मगर ज्यादातर लोग इसका किराया थर्ड एसी के बराबर रखने के पक्ष में है. जिसके बाद अब आप भी स्लीपर के किराये में ac का आनंद लेते हुए आसानी से कही भी सफ़र कर सकेंगे.

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