1 अगस्त से एटीएम से पैसे निकालना हो जायेगा महंगा

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बैंको की ख़ास सुविधाओ में से एक एटीएम कार्ड सर्विस आम जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है. एटीएम के जरिये सबसे बड़ा लाभ यह मिलता है कि अपने सेविंग अकाउंट से हम किसी भी समय रूपये निकाल सकते हैं. एटीएम सर्विस के कारण अब रूपये निकालने के लिए बैंको का चक्कर लगाना नहीं पड़ता है,साथ ही देश के किसी भी कोने में रहते हुए हम अपने अकाउंट के पैसे एटीएम के जरिये ही निकालते हैं. ऐसे में एटीएम सर्विस के तहत जब बैंक इतनी सुविधाएँ देती हैं तो बैंक सर्विस चार्ज के रूप में खाताधारको से कुछ शुल्क न वसूले तो ये गलत बात होगी. खासकर कोरोना काल में एटीएम सर्विस और भी प्रभावी हुयी , ऐसे में अब एटीएम सर्विस के शुल्क को बढाने की घोषणा की गयी है, यह घोषणा रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने की है जो कि एक अगस्त से प्रभावी होगा. इसके मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक ने इंटरचेंज शुल्क बढ़ा दिया है जिससे वित्तीय लेन देन के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा सर्विस चार्ज कटेंगे. यह नया रुल 1 अगस्त 2021 से लागू होंगे.

ऐसे में आपको इस आर्टिकल  में बताएँगे कि यह इंटरचेंज शुल्क क्या है जिससे एटीएम से पैसा निकालना अब महंगा हो जायेगा और कितना ज्यादा महंगा होगा यह भी बताएँगे.

RBI ने इंटरचेंज शुल्क को बढाया है , इंटरचेंज शुल्क एक तरह की फीस है जो बैंको द्वारा क्रेडिट या डेबिट कार्ड से लेन देन करने वाले व्यापारियों से लिया जाता है. अगर किसी एक बैंक का ग्राहक किसी दुसरे बैंक के एटीएम से अपने कार्ड का इस्तेमाल कर पैसे निकालता है, तो ऐसी स्थिति में जिस बैंक के एटीएम से पैसे निकाले जाते हैं, वह मर्चेंट बैंक हो जाता है। ऐसे में आपके बैंक को मर्चेंट बैंक को एक निश्चित शुल्क का भुगतान करना होता है, जिसे एटीएम इंटरचेंज शुल्क कहा जाता है।हालाँकि इंटरचेंज शुल्क की भी एक लिमिट होती है. उस लिमिट को क्रॉस करने पर ही आपके अकाउंट से इंटरचेंज शुल्क कटेंगे.

नए नियम के मुताबिक इंटरचेंज शुल्क को 15 रूपये से बढ़ाकर 17 रूपये कर दिया गया है. यानी अगर आप दुसरे बैंक के एटीएम से एक महीने में पांच बार से ज्यादा रूपये निकालते हैं तो आपके उसके अकाउंट से एक अगस्त 2021 से 17 रूपये इंटरचेंज शुल्क के तौर पर कटेंगे . इसके अलावे अगर आप केवल बैलेंस इंक्वारी या फिर अन्य सुविधा लेते हैं तो उसके लिए 5 से 6 रूपये तक की वृद्धि की गयी है. यहाँ आपको यह बता दे कि आप महानगरों में तीन बार मुफ्त लेनदेन कर सकते हैं ,जबकि गैरमहानगरो में पांच बार मुफ्त में वित्तीय और गैर वित्तीय लेन देन कर सकेंगे.

इंटरचेंज शुल्क बढाने के पीछे एक यह भी वजह है कि कोरोनाकाल में कई पेमेंट एप के जरिये ऑनलाइन ट्रांजेक्शन बढ़ा है , जिस वजह से एटीएम से रूपये निकालने वाले लोगों की संख्या में भी थोड़ी कमी आई है. ऐसे में बैंको के लिए घाटा का सौदा हो रहा था.

इसके अलावे भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को मुफ्त मासिक सीमा से ज्यादा बार एटीएम से लेनदेन करने वाले उनके ग्राहकों से ज्यादा शुल्क लेने की भी इजाजत दे दी है। सेम बैंक के एटीएम इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को एक जनवरी 2022 से 21 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन शुल्क चुकाना पड़ेगा। हालाँकि वर्तमान में मुफ्त सीमा से ज्यादा बार लेनदेन करने पर 20 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन शुल्क लिया जाता है.

ऐसे में अब एक अगस्त से आप अपने मासिक ट्रांजेक्शन को ध्यान में रख कर ही दुसरे बैंको के एटीएम से लेन देन करे, ताकि आप इंटरचेंज शुल्क देने से बाख जाये और आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ न हो.

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