जब पटना के गाँधी मैदान में वाजपेयी जी ने कहा था- “कोई मेरा किसलय लौटा दो”, तो हिल गयी थी बिहार की लालू सरकार और हो गया था तख्तापलट

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बिहार में हुए सत्ता परिवर्तन में अटल बिहारी वाजपेयी का एक महत्वपूर्ण योगदान था. पटना के गाँधी मैदान में अटलजी के भाषण ने लोगों के ऊपर गज़ब का प्रभाव छोड़ा था और यह प्रभाव इतना गहरा था की लालू यादव सरकार अंदर तक हिल गयी थी और वही वो दौर था जब 15 साल के शासन का तख्तापलट हो गया था. बात हैं उस वक़्त की जब बिहार में अपहरण का कारोबार बहुत फल फूल रहा था, कभी डॉक्टर्स तो कभी इंजीनियर तो कभी स्टूडेंट्स को किडनैप कर लिया जाता था.

आये दिन अलग अलग जगहों से किडनेपिंग की खबरे आते रहती थी और यह दौर था सन्न 2005 का. उस दौर का सबसे बड़ा अपहरण काण्ड था 18 जनवरी 2005 में हुए किसलय कौशल की किडनेपिंग का, किसलय DPS का छत्र था और स्कूल जाते समय उससे अपराधियों द्वारा उठा लिया गया था. पूरे राज्य में छात्रों और अभिभावकों द्वारा जुलुस निकले जा रथे थे और राजभवन तक मार्च भी किया गया.

उस वक़्त बिहार में राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थी और लालू यादव रेलमंत्री, नितीश कुमार बिहार मैं सत्ता में आने के लिए पूरी ताकत लगा रहे थे और विधानसभा का चुनाव भी आने वाला था. इसी दौरान 27 जनवरी 2005 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पटना के गाँधी मैदान आये और उन्होंने अपने भाषण में बोलै की बिहार नरसंहार और अपराध का ग्रह बन चूका हैं. अपहरण का उधोग पूरे बिहार में फ़ैल गया हैं, दिनदहाड़े अधिकारीयों और स्कूली बच्चो का अपहरण कर लिया जा रहा हैं. इन्ही बातों को बोलते हुए उन्होंने किसलय का मुद्दा उठा दिया और कहा की राज्य सरकार हमें बताये की हमारा किसलय कहाँ हैं, कोई मुझे हमारा किसलय लौटा दो. मंच पे काफी सारे NDA के नेता थे और सभी ने एक स्वर में बिहार की राजद सरकार को कोसा। अटलजी के इस भाषण का असर यह हुआ की उसी साल बिहार में नीतीश कुमार की सरकार आयी जिनकी अगुआई माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने की थी.

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