बिहार से बाहर जदयू तलाश करेगा नया सहयोगी, चार अन्य राज्यों के चुनाव में लेगा हिस्सा

0
332

चार राज्यों में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए जदयू नए साथियों की खोज कर रहा है। झारखंड, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली विधानसभा चुनाव में जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सक्रिय हिस्सेदारी का निर्णय लिया है। पहले आशंका जताई जा रही थी की इन राज्यों में जदयू अकेले दम पर विधानसभा चुनाव लड़ेगा। लेकिन, मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने एक निजी समाचार पत्र से बातचीत में कहा कि इन राज्यों में क्षेत्रीय दलों से जदयू पार्टी तालमेल की आशंका की खोज करेगा।

दिल्ली विधानसभा पर चुनाव पर विचार के लिए अगले सप्ताह बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा – इन राज्यों में जदयू के लिए भाजपा के पास स्थान नहीं है। लिहाजा, दूसरे दलों से तालमेल की गुंजाइश है। जदयू की जननायक पार्टी से मित्रता हरियाणा में हो सकती है। इसका गठन इंडियन राष्ट्रीय लोकदल से निकाले गए दुष्यंत चौटाला ने किया है। लोकसभा चुनाव में भले ही उन्हें कामयाबी नहीं मिली, लेकिन विधानसभा चुनाव को वो खासे-उत्साहित हैं।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की पिछली दिल्ली यात्रा में दुष्यंत ने उनसे मुलाकात की थी। केसी त्यागी के अनुसार, यह शिष्टाचार मुलाकात थी। इसमें चुनाव को लेकर कोई विचार नहीं हुआ। लेकिन, दुष्यंत से चुनावी मित्रता संभव है। केसी त्यागी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के ग्राम पंचायतों के चुनावों में जदयू को अच्छी सफलता मिली। इससे पार्टी का उत्साह बढ़ा है। वहां जब कभी चुनाव होगा, जदयू अपना प्रत्याशी देगा। इसी तरह झारखण्ड में बाबू लाल मरांडी की पार्टी झारखण्ड विकास मोर्चा में जदयू को संभावनाएं नज़र आ रही हैं। मरांडी एवं नीतीश कुमार के सम्बन्ध पूर्व से ही बेहतर हैं।

राज्य के जल संसाधन मंत्री और दिल्ली प्रदेश के जदयू प्रभारी संजय झा ने बताया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाने के लिए अगले हफ्ते बैठक होगी। इसमें चुनाव लड़ने के आवश्यक विधानसभा सीटों की पहचान की पहचान की जायेगी। उन्होंने आगे बताया की साल 2005 में सीएम नीतीश के सरकार का गठन हुआ था। लेकिन उस समय के पार्टी के प्रमुख शरद यादव ने कभी राज्य सरकार की जरूरतें का जिक्र संसद या बिहार के बाहर नहीं किया गया। इसका असर अन्य राज्यों के विस्तार पर पड़ा।

अब दूसरे राज्य के व्यक्ति बिहार सरक़ार की उपलब्धियों से प्रभावित होकर जदयू की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। इसका फायदा दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी को प्राप्त होगा। जदयू प्रभारी ने कहा कि दिल्ली नगर निगम के चुनाव में 68 वार्डों में जदयू पार्टी के प्रत्याशी खड़े थे। लगभग दर्जन भर प्रत्याशियों को 5000 से ज्यादा वोट प्राप्त हुए। उन क्षेत्र में हम अपने प्रत्याशी दे सकते हैं, जहां की आबादी में पूर्वांचल की बहुलता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here