झारखंड में इतने चरण में हो सकता है निकाय चुनाव, जानिए कब

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नगर निकाय चुनाव को लेकर देश के ज्यादातर राज्यों में मामले अटक रहे हैं. पिछले दिनों मध्य प्रदेश में निकाय चुनाव के दौरान मामला कोर्ट में पहुंच गया था उसके बाद बिहार में अभी भी मामला कोर्ट में चल रहा है. ऐसे में निकाय चुनाव में देरी की बात कही जा रही है और इधर झारखंड में होने वाले निकाय चुनाव का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है. ऐसे में अब बताया जा रहा है कि 19 दिसंबर को झारखंड में 48 नगर निकायों का चुनाव हो सकते हैं. मीडिया में चल रही खबरों की माने तो यह बताया जा रहा है कि बहुत ही जल्द राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की घोषणा कर सकता है. इतना ही नहीं कहा तो यह भी जा रहा है कि रांची में मेयर के आरक्षण के विवाद को लेकर सरकार चुनाव की तिथि बदल भी सकती है.

राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना से ठीक पहले यह भी कहा जा रहा है कि झारखंड में आरक्षण का मामला अटका हुआ है. बताया जा रहा है कि कुछ निकाय में महापौर और अध्यक्ष के पद के लिए आरक्षण का मामला अटका हुआ है. जिसमें संसोधन की बात कही जा रही है. कहा जा रहा है कि रांची नगर निगम के महापौर के पद को SC में रखने को लेकर विरोध किया जा रहा है. इधर आदिवासी समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात भी किया है जिसमें उन्होंने इस बात का जिक्र किया है कि अनुसूचित क्षेत्रों में हो रहे निकाय चुनाव को पांचवी अनुसूची के प्रावधानों का सही सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है. इन संगठनों का मानना है कि इन क्षेत्रों में सामान्य कानून के तहत चुनाव होना चाहिए. ऐसे में इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अगर इस पर विचार करते हैं तो यह मामला अटक सकता है.

आपको बता दें कि झारखंड में दिसंबर महिने के आखिरी सप्ताह में 48 नगर निकायों में मेयर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षद के पद के लिए चुनाव होना है. कहा तो यह भी जा रहा है कि एक चरण में चुनाव को करवाया जाएगा. जिसमें 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पालिका में मतदान करवाने की बात कही जा रही है. इतना ही नहीं सरकार की मंशा यह भी है कि जब वह अपने कार्यकाल का तीसरा साल मनाए तो उसमें उनके पास कहने के लिए यह रहे कि हमने पिछले लंबे समय से अटके हुए हुए नगर निकाय चुनाव को संपन्न करवाया है.

इधर झारखंड निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी खबरों की माने तो तो आयोग चुनाव की तैयारी में जुटा हुआ है. आयोग ने मतदाता सूची से लेकर आरक्षण रोस्टर और वार्डों के परिसीमन का काम पूरा कर लिया है. इतना ही नहीं आयोग ने स्ट्रॉग रूम का भी निर्माण कर लिया है. चुनाव के दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस फोर्स का भी बंदोबस्त कर लिया गया है. एक तरह से कहे तो चुनाव को लेकर आयोग की तरफ से तैयारी लगभग पूरी मानी जा रही है. अगर सरकार की तरफ से कोई पेंच नहीं फंसता है तो यह चुनाव दिसंबर के तीसरे सप्ताह में हो सकता है.

झारखंड निकाय चुनाव को लेकर यह दलील यह भी दी जा रही है कि अगर इस साल तक निगम का चुनाव नहीं हुआ तो एक और पेंच फंस सकता है. जानकारों का कहना है कि अगर इस साल तक चुनाव नहीं हुआ तो अगले साल के चुनाव के लिए आयोग को एक बार फिर से नये सिरे से मतदाता सूची जोड़वाना होगा जिसमें एक लंबा समय लगेगा और चुनाव फिर से कुछ महीनों के लिए टालना पड़ सकता है. ऐसे में अब सब कुछ सरकार के पास है कि वह आगे क्या चाहती है. आयोग ने अपनी तरफ से चुनाव कराने की बात कह दी है.

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