कैंसर और टी. वी. जांचने के लिए निर्मित हुई छोटी-सी यह मशीन

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राजा रमन्ना सेंटर फाॅर एडवांस्ड टेक्नाेलाॅजी ने दो उपकरण को विकसित किया है। जो आमलोंगो के हित से जुड़ा है. हालाँकि केंद्र सरकार की कॉलोनी में परमाणु ऊर्जा विभाग की जो प्रदर्शनी लगाई जाती है वह आम लोगो के लिए फायदेमंद होता है. इस प्रदर्शनी में ओरल कैंसर और टी वी की पहचान करने के लिए दो छोटे-छोटे उपकरण ओंकोडाइग्नोस्कोप और ट्यूबरकुलोस्कोप बनाये गए जिसे बैग में रखकर कहीं भी ले जाया जा सकता है. कम खपत को ध्यान में रखते हुए इसे बहुत ही रोचक तरीके से निर्मित किया गया.

बिजली की आवश्यकता के बिना ही लैपटॉप के एक लीड से जोड़कर रखा जाने पर वह अपना कार्य कर सकता है. ऐसे मशीनों को बनाने के लिए 30-40 रूपये खर्च हो जाती है वहीँ इसे एक- दो लाख रूपये के लागत में बनाया गया है। इस मशीन से 1500 मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल किया जा चूका है और इसके परिणाम अच्छे निकले हैं. जींस, लेदर, प्लास्टिक, पेपर इंडस्ट्री से ट्रीटमेंट के बाद भी निकलने वाले गंदे पानी में भारी मात्रा में रंग शामिल होता है इसके लिए रेडिएशन ग्राफ्टिंग तकनीक विकसित की गयी है जिसे भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र ने बनाया। इस उपकरण को वाराणसी में बन रहे नए टाटा मैमोरियल अस्पताल में सर्वप्रथम उपयोग किया जायेगा। कैट के डॉ. एसके मजूमदार के अनुसार प्रधानमंत्री ने कथित तौर पर कहा था कि ऐसी तकनीक का विकास किया जाये जो सीधे जनता के संपर्क में आये.और उनके लिए उपयोगी साबित हो.

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